TrendingDonald TrumpBMCiran

---विज्ञापन---

मुंबई मेयर की जंग… होटल में ‘कैद’ पार्षदों पर अब कागजी पहरा, सेंधमारी रोकने के लिए शिंदे सेना का ‘मास्टर प्लान’

2017 के बाद हुए BMC चुनाव में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा को 89 और उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं.

BMC में दशकों से शिवसेना का मेयर रहा है.

मुंबई नगर निगम के नतीजे आने के बाद मायानगरी की राजनीति अब पांच सितारा होटलों के बंद कमरों में सिमट गई है. एकनाथ शिंदे ने अपने 29 पार्षदों को होटल की 'किलाबंदी' में तो भेज दिया है, लेकिन उन्हें डर है कि कहीं उनके ही साथी 'सियासी शिकार' न बन जाएं. अब 'होर्स ट्रेडिंग' से बचाने के लिए नवनिर्वाचित पार्षदों से जुड़े सभी कागजी काम पूरे करने का फैसला किया है.

शिवसेना के सूत्रों के अनुसार, सेना पार्षदों के समूह के नेता का नाम आज ऐलान किया जा सकता है. दलबदल की सभी संभावनाओं को खत्म करने के लिए आज सभी दस्तावेजी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे. यामिनी जाधव, तृष्णा विश्वासराव और अमे घोले जैसे युवा लेकिन अनुभवी पार्षदों के नामों की चर्चा शीर्ष भूमिकाओं के लिए की जा रही है.

---विज्ञापन---

2017 के बाद हुए BMC चुनाव में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा को 89 और उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं. उद्धव और राज ठाकरे, जिन्होंने एनसीपी के शरद पवार गुट के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था, ने मिलकर 72 सीटें जीती हैं. हालांकि, भाजपा और शिंदे सेना के पास 227 सदस्यीय सदन में बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए नंबर हैं, लेकिन मेयर कौन होगा, इस सवाल के सहयोगियों के बीच चर्चा हावी रहने की संभावना है.

---विज्ञापन---

BMC में दशकों से शिवसेना का मेयर रहा है. अब एकनाथ शिंदे पर दबाव है कि मेयर उनकी पार्टी का होना चाहिए, ताकि वे असली शिवसेना होने का दावा पुख्ता कर सकें. दूसरी ओर, भाजपा राजनीतिक संदेश देने के लिए मेयर पद पर दावा करना चाहेगी, क्योंकि BMC में कभी भी भाजपा का मेयर नहीं रहा है. हालांकि, देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मेयर के मामले पर एनडीए के नेता मिलकर फैसला लेंगे.

यह भी पढ़ें : उद्धव या BJP… शिंदे को डर किससे? ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ के बीच एकनाथ शिंदे को ‘खुला चैलेंज’ भी मिला

विपक्ष की बात करें तो शिवसेना (UBT) ने 65, महाराष्ट्र नवनिर्वाचित सेना (MNS) ने छह और एनसीपी (शरद पवार) ने एक वार्ड जीता है. यह कुल मिलाकर यह आंकड़ा 72 होता है. कांग्रेस ने 24 वार्ड, एआईएमआईएम ने आठ और समाजवादी पार्टी ने दो वार्ड जीते हैं. यदि विपक्ष एकसाथ आने का फैसला करता है, तो संख्या 106 तक पहुँच जाएगी, जो बहुमत से आठ कम है.

इसी चुनावी गणित की वजह से शिंदे सेना कोई जोखिम नहीं ले रही है. जीत के तुरंत बाद, शिंदे ने किसी भी तरह की सेंधमारी की कोशिश को नाकाम करने के लिए सभी 29 पार्षदों को पांच सितारा होटल में भेज दिया.

वहीं, शिवसेना (उद्धव गुट) लगातार एकनाथ शिंदे पर निशाना साध रही है. उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि मुख्यमंत्री वास्तव में सहयोगी भाजपा से सावधान हैं. उन्होंने कहा कि जिन्होंने एक बार पार्टी तोड़ी, वे दोबारा भी ऐसा कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें : BJP के आगे कैसे पस्त हुआ महाविकास अघाड़ी? 64% की स्ट्राइक रेट और 1425 सीटें, जानें BMC चुनाव का पूरा गणित

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा कि भाजपा वाले अपने मेयर की बात करते हैं, एकनाथ शिंदे के पास पूरे 30 नगरसेवक भी नहीं हैं, वह अपने मेयर की बात करते हैं. अब जिन्हें (मेयर) बनाना है, वे बना लेंगे. हम लोग अभी भी हैं न, 'टाइगर अभी जिंदा है'. अभी भी शिवसेना और हमारे साथियों के पास ऐसा आंकड़ा है जो उन्हें चुनौती दे सकता है. लेकिन कभी-कभी मजा भी लेना चाहिए, तो यह मजा लेने की बात चल रही है हमारे खेमे में.


Topics:

---विज्ञापन---