राजकोट स्थानीय नगर निगम चुनाव के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. वार्ड नंबर 7 से पार्टी के घोषित उम्मीदवार शैलेश जानी शनिवार को अपने समर्थकों के साथ, गले में भगवा साफा डाले जिला कलेक्टर कार्यालय में नामांकन दाखिल करने की अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. तभी उनके फोन की घंटी बजी और पार्टी मुख्यालय से आए एक निर्देश ने पूरी तस्वीर बदल दी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार देर रात भाजपा ने राजकोट निकाय चुनाव के लिए 72 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिसमें वार्ड नंबर 7 से शैलेश जानी का नाम शामिल था. शनिवार सुबह वे पूरे उत्साह के साथ पर्चा भरने पहुंचे थे, लेकिन आखिरी क्षणों में पार्टी आलाकमान ने उन्हें सूचित किया कि उनकी जगह मौजूदा पार्षद नेहल शुक्ला चुनाव लड़ेंगे.

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इसके बाद जिस उम्मीदवार (शैलेश जानी) का टिकट कटा, उन्होंने कोई नाराजगी दिखाने के बजाय अपने प्रतिद्वंद्वी मित्र नेहल शुक्ला को गले लगा लिया. शुक्ला ने बताया कि वे और जानी पिछले 30 सालों से गहरे दोस्त हैं.

रिपोर्ट में नेहल शुक्ला के हवाले से लिखा है, पार्टी ने शायद किसी राजनीतिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए या एक सुरक्षित जीत सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया है. शुक्ला ने वार्ड नंबर 7 से भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया, जबकि पार्टी के निर्देश पर शैलेश जानी ने उसी वार्ड से एक 'डमी कैंडिडेट' के तौर पर अपना फॉर्म भरा.