आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने कमर कस ली है. पार्टी ने असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए चुनाव प्रबंधन को मजबूत करते हुए सीनियर ऑब्जर्वर और ऑब्जर्वर की नियुक्ति कर दी है.
कांग्रेस नेतृत्व ने राज्यों में संगठन को एक्टिव मोड में लाने और जमीनी स्तर पर रणनीति को धार देने के लिए यह अहम फैसला लिया है. असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष प्रियंका गांधी वाड्रा को बनाया है. वहीं, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को वरिष्ठ चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है. उनके साथ कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को भी साथ रखा गया है.
सीनियर ऑब्जर्वर: भूपेश बघेल
ऑब्जर्वर: डी.के. शिवकुमार
असम में चुनावी रणनीति की कमान अब छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों में होगी, जबकि कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार संगठन और समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे.
सचिन पायलट
के.जे. जॉर्ज
इमरान प्रतापगढ़ी
कन्हैया कुमार
केरल में युवा नेतृत्व और आक्रामक कैंपेन रणनीति के लिए पार्टी ने सचिन पायलट और कन्हैया कुमार जैसे चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है. वहीं के.जे. जॉर्ज और इमरान प्रतापगढ़ी संगठनात्मक मजबूती पर फोकस करेंगे.
मुकुल वासनिक
उत्तम कुमार रेड्डी
तमिलनाडु में सहयोगी दलों के साथ तालमेल और सीट शेयरिंग को लेकर वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक और तेलंगाना के नेता उत्तम कुमार रेड्डी को अहम भूमिका दी गई है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
सुदीप राय बर्मन
शकील अहमद खान
प्रकाश जोशी
पश्चिम बंगाल में संगठन को दोबारा खड़ा करने और बूथ लेवल तक नेटवर्क मजबूत करने के लिए तीन वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया गया है.
क्यों अहम है ये नियुक्तियां?
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इस बार केवल चुनाव नहीं, बल्कि संगठन की री-बिल्डिंग की रणनीति पर भी काम कर रही है. पर्यवेक्षकों को सीधे फीडबैक, टिकट वितरण की रिपोर्ट और गठबंधन समन्वय की जिम्मेदारी भी दी गई है.
साफ है कि कांग्रेस इस बार चुनावी मैदान में फुल प्लानिंग मोड में उतरने की तैयारी कर चुकी है.