हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB

हनुमान चालीसा चलाने पर क्यों दुकानदार को पीटा? सामने आया वायरल वीडियो का सच

युवक के साथ मारपीट का फुटेज
विज्ञापन

Man beaten for hanuman chalisa: कर्नाटक के बेंगलुरु में कथित रूप से तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाने पर एक दुकानदार के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसके बाद स्थानीय लोगों में रोष है, वहीं, इस मसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उधर, पुलिस मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले में जांच कर रही है।

सरकार से कार्रवाई की मांग

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि घटना के दो दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कर्नाटक में हनुमान चालीसा बैन कर दी गई है? उनका आरोप था कि बेंगलुरु में कानून व्यवस्था लचर है और सरकार को इस पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

विज्ञापन

यह है पूरा मामला 

यह पूरा मामला बेंगलुरु के जुमा मस्जिद रोड इलाके का है। यहां सिद्दन्ना गली में मुकेश की मोबाइल की दुकान है। वायरल सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि कुछ युवक उसकी दुकान पर आए। युवकों ने कथित तौर पर तेज आवाज में चलाई जा रही हनुमान चालीसा को बंद करने कहा। उनका तर्क था कि मस्जिद में अजान का समय हो गया है। इसके बाद वीडियो से पता चलता है कि दोनों पक्षों में इस मुद्दे को लेकर बहस होती है फिर मुकेश और युवकों में दुकान से बाहर मारपीट हुई।

हमलावरों के पास चाकू था

मुकेश ने इस बारे में स्थानीय पुलिस को सूचना दी। उनका आरोप है कि शिकायत करने पर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली। लेकिन उसमें हनुमान चालीसा के बारे में नहीं लिखा है, वहीं, पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। हमलावरों के पास चाकू होने की बात भी सामने आ रही है। उधर, इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियां बेंगलुरु में लचर कानून व्यवस्था होने के आरोप लगा रही है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

Sponsored Links by Taboola