Battlefield Tourism क्या होता है? देशभक्ति और इतिहास के बारे में बढ़ेगी जागरूकता

Whats is Battlefield Tourism: बैटलफील्ड टूरिज्म सरकार की एक अनूठी पहल है। इससे देश के ऐतिहासिक, प्राकृतिक और रणनीतिक महत्व को पर्यटकों को बता सकेंगे। जनवरी 2025 में केंद्र सरकार ने देश में 30 युद्ध स्थलों को पर्यटन के लिए खोले जाने की योजना बनाई थी। इसी कड़ी में सितंबर 2025 में सिक्किम में डोकलाम और चो ला पर्यटकों के लिए खोले जाने हैं।

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Sikkim Doklam cho la will be opened for tourists soon: साल 1947 की पाकिस्तान के साथ जंग हो या कारगिल वॉर भारतीय जवानों ने हमेशा खुद को वतन के लिए न्यौछावर किया है। अब जवानों की इस वीरता और देशभक्ति के जज्बे को सलाम करते हुए भारत सरकार का बैटलफील्ड टूरिज्म पर जोर है।

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दरअसल, जनवरी 2025 में केंद्र सरकार ने देश में 30 युद्ध स्थलों को पर्यटन के लिए खोले जाने की योजना बनाई थी। इसी कड़ी में सितंबर 2025 में सिक्किम में डोकलाम और चो ला पर्यटकों के लिए खोले जाने हैं। बैटलफील्ड टूरिज्म सरकार की एक अनूठी पहल है। इससे देश के ऐतिहासिक, प्राकृतिक और रणनीतिक महत्व को पर्यटकों को बता सकेंगे।

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क्या होता है बैटलफील्ड टूरिज्म? Whats is Battlefield Tourism

भारत के रक्षा और पर्यटन मंत्रालय ने ये प्रोजेक्ट शुरू किया है। केंद्र सरकार की मानें तो इससे खासकर युवाओं में देशभक्ति और इतिहास के बारे में जागरूकता बढ़ेगी। इससे पर्यटकों को किसी एक स्थल पर ही उस जगह के सैन्य और ऐतिहासिक महत्व को बताने में आसानी होगी।

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क्यों डोकलाम है इतना महत्वपूर्ण? चो ला है देश की शान

डोकलाम सिक्किम, भूटान और चीन के बीच में पड़ता है। अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण ये अक्सर चर्चा में बना रहता है। 1962 भारत-चीन युद्ध, यहां चीन के सड़क निर्माण की कोशिश और सिक्किम के ऐतिहासिक महत्व के चलते भारत सरकार ये चाहती है कि देशवासी इसके बारे में जानें। बता दें फिलहाल शुरुआत में चो ला के लिए सीमित संख्या में वाहनों को जानें की अनुमति होगी।

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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा, खुलेंगे नए रोजगार के साधान

प्रशासन के अनुसार शौर्य गाथाओं और जवानों को याद करने के अलावा Battlefield Tourism से देश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इससे होने वाले पर्यटन से लोगों को रोजगार मिलेगा और सैन्य बलिदानों को वह सम्मान मिल सकेगा, जिसके वे हकदार हैं। सरकारों को स्पष्ट निर्देश है कि ऐसे टूरिस्ट एरियार के लिए परमिट सिस्टम, प्रदूषण को देखते हुए वाहनों की संख्या और गाइडेड टूर गाइडलाइंस स्पष्ट रखे। इतना ही नहीं ऐसे संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा और हर स्थिति को नियंत्रित रखने के इंतजाम किए जाएं।

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Amit Kasana

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अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
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