Bank of India Star Run 2.0 Latest Update: ऑफिस कल्चर में स्ट्रेस लेना काफी आम बात है। ऑफिस के ज्यादातर कर्मचारी अक्सर काम के प्रेशर के कारण तनाव में रहते हैं। खासकर बैंकिंग सेक्टर में स्ट्रेस सबसे ज्यादा होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने नया तरीका इजाद किया है। देश की राजधानी दिल्ली में BOI ने स्टार रन 2.0 का आयोजन किया था। BOI की इस मैराथन में न सिर्फ बैंक के कर्मचारियों बल्कि ग्राहकों ने भी हिस्सा लिया। इस मेगा इवेंट की चर्चा पूरी दिल्ली में हो रही है।
2000 लोगों ने लिया हिस्सा
BOI के द्वारा आयोजित इस मैराथन का मकसद स्वस्थ भारत विकसित भारत के सपने को साकार करना था। बता दें कि बैंक कर्मचारी और बैंक के ग्राहक समेत 2000 लोग इस मैराथन का हिस्सा बने। ऑफिस में काम के स्ट्रेस को कम करने के लिए इस मैराथन का आयोजन किया गया था। वहीं मैराथन के दौरान 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर के दो स्लॉट रखे गए थे। मैराथन में जीतने वालों को BOI की तरफ से सर्टिफिकेट दिया गया है।
मैराथन का मकसद
BOI के जीएम लोकेश कृष्णा ने बताया कि इस मैराथन का मकसद वही है, जो देश का मकसद है, फिट इंडिया। लोग फिट रहें और ग्रो करें। हमने पिछले साल भी स्टार रन का आयोजन किया था, जो कि सफल था। उसी के मद्देनजर इस साल स्टार रन 2.0 का आगाज हुआ है। इसमें स्टाफ के साथ-साथ ग्राहकों और दूसरे बैंक के कर्मचारियों को भी आमंत्रित किया गया है।
स्ट्रेस से मिलेगा छुटकारा
BOI के जोनल हेड अमित सिंह का कहना है कि इस तरह के इवेंट को सफल बनाने के लिए टीम एफर्ट बेहद जरूरी होता है। यह पूरा इवेंट इन-हाउस है, हमारे स्टाफ ने ही सारी तैयारियां की हैं। आपने देखा होगा कि बैंकिंग सेक्टर में स्ट्रेस बहुत है। इस मैराथन को करवाने का मुख्य मकसद यही है कि बैंकर्स अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दें। फिट रहने के लिए हर दिन खुद को 1 घंटा देना बेहद जरूरी होता है।
फिटनेस पर ध्यान दें कर्मचारी
BOI के कॉरपोरेट ब्रांच के डीजीएम प्रसन्ना ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया के ज्यादातर कर्मचारियों की औसत उम्र 35-37 साल है। इस उम्र में लोग ऊर्जा से भरपूर रहते हैं। इसलिए हम उन्हें मैसेज देना चाहते हैं कि उनकी जिंदगी सिर्फ बैंकिंग सैक्टर तक सीमित न रहे बल्कि वो अपनी सेहत और फिटनेस पर भी पूरा ध्यान दें।
2 बड़े मैसेज
BOI के गवर्नमेंट बिजनेस डिपार्टमेंट हेड अजय पंत का कहना है कि इस इवेंट से हम 2 मैसेज देना चाहते हैं। पहला रन इंडिया, फिट इंडिया। लोग थोड़ा सा समय खुद को देकर फिट रह सकते हैं। दूसरा मैसेज है वर्क लाइफ को बैलेंस करना। अगर हम लोग काम से हटकर फिटनेस को भी समय देंगे, तो हम जिंदगी में एक बैलेंस बनाकर रख सकते हैं।