डिजिटल क्रांति और तेजी से बदलते सूचना परिदृश्य के दौर में मीडिया जगत आज अपने सबसे बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. ऐसे दौर में ‘बीएजी नेटवर्क’ की चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर और ‘न्यूज24’ की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद ने एक्सचेंज4मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में भारतीय मीडिया के वर्तमान और भविष्य पर खुलकर अपने विचार साझा किए हैं. प्रिंट, टेलीविजन से लेकर न्यू मीडिया तक के तीन दशकों से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारीय अनुभव रखने वालीं अनुराधा प्रसाद ने कहा कि आज की तारीख में मीडिया जगत में प्रासंगिक और टिकाऊ बने रहने के लिए समय के साथ खुद को बदलना और नई तकनीकों को बिना झिझक अपनाना बेहद अनिवार्य हो चुका है.
अनुराधा प्रसाद के मुताबिक, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्यूज रूम के काम को गति और सुविधा दे सकते हैं, लेकिन वे कभी भी जमीनी पत्रकारिता, इंसानी संवेदनाओं और पत्रकार की निष्पक्ष नजर का विकल्प नहीं बन सकते. उन्होंने माना कि आज मीडिया के सामने टीआरपी की अंधी दौड़, डिजिटल माध्यमों की रफ्तार और विश्वसनीयता बचाने की तिहरी चुनौती है. ऐसे में जो संस्थान विश्वसनीयता को ताक पर रखकर केवल क्लिक या व्यूज के पीछे भागेंगे, वे लंबी दौड़ से बाहर हो जाएंगे.
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक गहरी जवाबदेही है. जब तक खबरों में सरोकार, तथ्य और जनता का विश्वास बना रहेगा, तब तक मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में अपनी मजबूत भूमिका निभाता रहेगा.