Avadh Ojha लड़ना चाहते थे लोकसभा चुनाव, जानें किस पाटी से और कहां से मांग रहे थे टिकट?

Avadh Ojha Inside Story: आम आदमी पार्टी जॉइन करने से पहले अवध ओझा ने भाजपा और कांग्रेस दोनों से लोकसभा चुनाव टिकट मांगा था और अपनी इच्छित चुनावी सीटें भी बताई थीं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाया था।

Avadh Ojha Interview

Avadh Ojha

Avadh Ojha Desired to Contest Lok Sabha Election 2024: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले आम आदमी पार्टी में एक बड़े चेहरे की एंट्री हुई। जी हां, मोटिवेशनल स्पीकर और देश को IAS-IPS तैयार करके देने वाले Avadh Ojha ने आज पार्टी जॉइन की। उन्हें अरविंद केजरीवाल ने खुद पार्टी की सदस्यता दिलाई और इसके साथ ही Avadh Ojha की राजनीति में एंट्री हो गई। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 लड़ने की इच्छा जताई है।

विज्ञापन

साथ ही प्रतिबद्धता जताई है कि वे आम आदमी पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए भी काम करेंगे। अब वे अपने मकसद में कितने कामयाब होंगे, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन Avadh Ojha के बारे में यहां बताने योग्य खास बात यह है कि Avadh Ojha लोकसभा चुनाव 2024 लड़ना चाहते थे? जी हां, एक मीडिया हाउस का दिए इंटरव्यू में उन्होंने खुद अपनी इस इच्छा के बारे में बताया था। आइए जानते हैं कि आखिर वह किस्सा क्या है?

विज्ञापन

दोनों बड़े दलों से मांगा था लोकसभा चुनाव टिकट

एक मीडिया हाउस के मंच से युवाओं को संबोधित कर रहे अवध ओझा तो जब सवाल पूछा गया कि वे राजनीति में कब आएंगे? वे चुनाव कब लड़ेंगे? तो सवाल का जवाब देते हुए अवध ओझा ने कहा कि चुनाव तो हम कबसे लड़ना चाहते हैं, लेकिन मौका नहीं मिल रहा। उन्होंने बताया कि वे किशनगंज से चुनाव लड़ना चाहते हैं।

विज्ञापन

वे लोकसभा चुनाव 2024 भी लड़ना चाहते थे। उन्होंने भाजपा से प्रयागराज सीट से और कांग्रेस से अमेठी सीट के लिए चुनाव टिकट मांगा था, लेकिन टिकट नहीं मिल पाया। दोनों पार्टियों ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में सियासी गलियारों में चर्चा है कि जब भाजपा और कांग्रेस ने उन्हें राह नहीं दिखाई तो उन्होंने आम आदमी पार्टी को अपना सारथी बना लिया।

आखिरी अटेम्प्ट में भी क्लीयर नहीं कर पाए UPSC

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Avadh Ojha उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। उनके पिता श्रीमाता प्रसाद ओझा गोंडा के पोस्टमास्टर थे। उन्होंने अपनी पत्नी को पढ़ाने के लिए 5 एकड़ जमीन बेच दी थी। वे वकील बनी थीं। अवध बचपन से ही IAS बनने का सपना देखते थे। उनके इस सपने को पूरा करने के लिए पिता ने बाकी बची जमीन भी बेच दी थी। वे दिल्ली आ गए, जहां उन्होंने UPSC की कोचिंग ली, लेकिन आखिरी अटेम्प्ट में भी वे मेंस एग्जाम क्लीयर नहीं कर पाए।

विज्ञापन

अवध ओझा के पढ़ाने का तरीका काफी लोकप्रिय

फेल होने के कारण उनका मां से झगड़ा हुआ तो मां ने उन्हें फेल होने पर ताना मारा। इससे दुखी होकर उन्होंने घर छोड़ दिया था। घर छोड़कर वे अपने दोस्त के पास इलाहाबाद आ गए और उन्होंने कोचिंग सेंटर में पढ़ाना शुरू कर दिया। उनके पढ़ाने का तरीका छात्रों को पसंद आया और उनकी क्लास में छात्रों की संख्या बढ़ती चली गई। फिर उन्होंने UPSC के स्टूडेंट्स को पढ़ाना शुरू कर दिया। एक यूट्यूब चैनल भी खोल लिया, जो काफी लोकप्रिय हो गया। आज वह UPSC स्टूडेंट्स को इतिहास पढ़ाते हैं और कहा जाता है कि उनसे अच्छा इतिहास कोई नहीं पढ़ा सकता।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ