Asteroid Collision: किन 9 देशों के लिए खतरनाक एस्टेरॉयड? सूची में भारत-पाकिस्तान भी शामिल

Asteroid Earth Collision: धरती पर एक एस्टेरॉयड से टक्कर का खतरा मंडरा है, जिससे आधी से ज्यादा धरती पर प्रभाव पड़ेगा और करीब 9 देशों के लिए यह सबसे खतरनाक साबित होगा। आइए जानते हैं कि इस सूची में किस-किस का नाम शामिल है‌?

Asteroid Earth Collision

Asteroid Earth Collision

Asteroid 2024 YR4 2032 Latest Update: अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने एस्टेरॉयड 2024 YR4 को लेकर ताजा अपडेट दिया है। 27 जनवरी 2025 को न्यू मैक्सिको इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में मैग्डेलेना रिज 2.4 मीटर लंबी दूरबीन से एस्टेरॉयड को देखा था। यह एस्टेरॉयड अंतरिक्ष में घूम रहा है और साल 2032 तक धरती के करीब पहुंच जाएगा। वैज्ञानिकों ने 22 दिसबंर 2032 की सुबह करीब 9 बजे इस एस्टेरॉयड के धरती के बेहद करीब होने की आंशका जताई है। यह एस्टेरॉयड धरती से टकरा सकता है। इस टक्कर की संभावना 2.1% है और टकराव न होने की संभावना 97.9% है।

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वहीं वैज्ञानिकों ने धरती के उन हिस्सों का अवलोकन किया है, जहां इस एस्टेरॉयड के धरती से टकराने के बाद सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। कहा जाए तो अगर एस्टेरॉयड धरती से टकराया तो कई देशों के लिए खतरा पैदा होगा। एस्टेरॉयड की स्पीड, साइज और इसके रास्ते का अवलोकन करने के बाद वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि एस्टेरॉयड की टक्कर से धरती पर काफी तबाही मचेगी, लेकिन टक्कर से पड़ने वाले प्रभावों को लेकर सिर्फ अनुमान हैं, एस्टेरॉयड के अभी धरती से दूर होने के कारण सटीक परिणाम निकालना संभव नहीं है।

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इन देशों में मच सकती है तबाही

द सन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1908 में ऐसा ही एक एस्टेरॉयड साइबेरिया में तुंगुस्का क्षेत्र से टकराया था और 830 वर्ग किलोमीटर जंगल तबाह हो गया था। वहीं नासा के कैटालिना स्काई सर्वे प्रोजेक्ट के वैज्ञानिक डेविड रैनकिन कहते हैं कि इस एस्टेरॉयड की टक्कर का असर दक्षिण अमेरिका, प्रशांत महासागर, दक्षिण एशिया, अरब सागर और अफ्रीका तक पड़ेगा।

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वेनेजुएला, कोलंबिया, इक्वाडोर, भारत, पाकिस्तान , बांग्लादेश, इथियोपिया, सूडान और नाइजीरिया में इसका असर देखने को मिल सकता है, लेकिन इन देशों के निवासियों को अभी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि टकराव की संभावना अभी भी बहुत कम है। टक्कर के समय पृथ्वी का घूर्णन ही निर्धारित करेगा कि एस्टेरॉयड इनमें से किस एरिया में टकराएगा? दुनियाभर के वैज्ञानिकों की एक टीम जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का उपयोग करके संभावित नुकसान का आकलन कर रही है। हालांकि इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना 2.1% है, फिर भी नासा ने इसे सबसे खतरनाक एस्टेरॉयड बताया है।

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100 परमाणु बमों जितना विनाशकारी

लेखक और ज्वालामुखी विशेषज्ञ रॉबिन जॉर्ज एंड्रयूज को चिंता है कि इस एस्टेरॉयड से बचने की तैयारी के लिए 8 साल का समय पर्याप्त नहीं हो सकता। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि हालांकि DART मिशन शानदार था, लेकिन यह 2024 YR4 को रोकने में सक्षम नहीं हो सकता है। समय से पहले इसे खंडित करना होगा। क्योंकि इसकी चौड़ाई 40 से 100 मीटर के बीच है और इसकी टक्कर से पृथ्वी की सतह पर एक शहर के आकार का गड्ढा बन जाएगा।

यह 38000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से वायुमंडल को चीर सकता है और 100 परमाणु बमों से भी अधिक विनाश मचा सकता है। एंड्रयूज ने इस बात पर जोर दिया है कि एस्टेरॉयड को टुकड़ों में तोड़ना असुरक्षित तरीका होगा। यह तोप के गोले को शॉटगन स्प्रे में बदलने जैसा होगा। DART जैसे अंतरिक्ष यान से उस पर हमला करने की कोशिश करना जोखिम भरा होगा, इसलिए एक नहीं कई अंतरिक्ष यान का उपयोग करना बेहतर रहेगा।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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