हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

हंगामे के बीच 14 मिनट में बिना किसी बहस के लोकसभा में पास हुए 2 बिल, लेकिन कैसे?

मंगलवार को हंगामे के बीच लोकसभा में महज़ 14 मिनट में दो बिल पास हो गए. इस दौरान विपक्षी सांसद विरोध भी कर रहे थे और सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गैर-मौजूदगी पर सवाल भी उठा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद केरल बिल 2026 और नेशनल शनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NCDC) से जुड़ा कानून पास हो गए.

विज्ञापन
Credit: Social Media

संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को पहली बार कुछ ऐसा हुआ, जो वाकई हैरान कर देने वाला रहा. हंगामे के बीच लोकसभा में महज़ 14 मिनट में दो बिल पास हो गए. इस दौरान विपक्षी सांसद विरोध भी कर रहे थे और सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गैर-मौजूदगी पर सवाल भी उठा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद केरल बिल 2026 और नेशनल शनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NCDC) से जुड़ा कानून पास हो गए. दरअसल, इस मानसून सत्र में दो ही दिन बाकी रह गए हैं और सदन की कार्यवाही में लगातार बाधाएं ही आ रही है, ऐसे में इन दोनों बिलों का बिना किसी विरोध के पास होना काफी हैरानी की बात है.

अब केरल कहलाएगा ‘केरलम’

केरल का नाम बदलने की शुरुआत जून 2024 से हुई थी, जिसमें विधानसभा में सभी की सहमति से प्रस्ताव पारित हुआ था. मोदी कैबिनेट ने फरवरी 2026 में इस प्रपोज़ल पर मुहर लगाई थी. इसके बाद अनुच्छेद 3 के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बिल को केरल विधानसभा के पास भेजा था, ताकि सभी की राय ली जा सके. जुलाई में विधानसभा से मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में वापस लाना आसान हो गया. अब केरल बिल 2026 को संसद और राष्ट्रपति की सहमति के बाद, इसे संविधान की पहली अनुसूची और आधिकारिक कानूनी संदर्भों में केरल की बजाय केरलम कहा जाएगा.

NCDC कानून को भी मिली मंज़ूरी

‘नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन’ (NCDC) एक ऐसी कानूनी संस्था है, जिसे को-ऑपरेटिव सेक्टर से जुड़े प्रोग्राम्स को बढ़ावा देने और उनके लिए फंडिंग सिस्टम करने के मकसद से तैयार किया गया था. लोकसभा में आज पास कराए गए कानून से NCDC का फाइनेंशियल और ऑपरेशनल ढांचा मजबूत होगा, जिससे को-ऑपरेटिव संस्थाओं को मिलने वाली फंडिंग ज़्यादा असरदार हो सकेगी. दरअसल, जिस वक्त ये दोनों बिल पास कराए गए, उस वक्त सदन में हंगामा तेज़ था. इससे सांसदों को इसके प्रावधानों पर चर्चा करने का मौका ही नहीं मिल पाया. दरअसल, विपक्ष लगातार छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस की कार्रवाई पर चर्चा की मांग कर रहा है. उनका कहना है कि जब तक गृह मंत्री खुद सदन में आकर इसपर जवाब नहीं देंगे, तब तक वो किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं होने देंगे. जबकि सरकार का कहना है कि वो बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola