अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश सामने आई है . जिसके बाद भारत सरकार ने चिंता जताई है. भारत ने इस मामले को हिंदू-विरोधी और नस्लीय नफरत से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है. विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी अधिकारियों से भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नफरत से प्रेरित हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि इलिनोइस के ऑरोरा इलाके में हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कथित योजना बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि मामले में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात सामने आना भी गंभीर है.भारत ने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी जांच एजेंसियां मामले की पूरी जांच करेंगी और यदि आरोप साबित होते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.
क्या है हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश का मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पैलेटाइन के 19 वर्षीय युवक अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस पर ऑरोरा स्थित एक बड़े हिंदू मंदिर पर हमला करने की योजना बनाने का आरोप है. बताया गया है कि वह टैको बेल में काम करता था और अपने सहकर्मियों के सामने खुद को नस्लभेदी और जातिवादी विचारधारा से जुड़ा बताता था. उस पर भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाने की बात कहने का भी आरोप है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 11 अक्टूबर को युवक ने कथित तौर पर मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की. इसी दौरान उसने गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई. इसके बाद वह मौके से चला गया. उसके एक सहकर्मी ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि अदालत में होना बाकी है.
घर से हथियार और नाजी प्रतीक मिलने का दावा
जांच से जुड़ी रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी के घर की तलाशी के दौरान एआर-स्टाइल राइफल, लगभग 300 राउंड गोला-बारूद, लोडेड मैगजीन, बॉडी आर्मर और अन्य सैन्य उपकरण बरामद किए गए. वहां नाजी की विचारधारा से जुड़ी कुछ वस्तुएं और आठ पन्नों का एक मेनिफेस्टो भी मिलने की बात कही गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दस्तावेज में आरोपी ने खुद को श्वेत वर्चस्ववादी और नव-नाजी विचारधारा से जुड़ा बताया था. इसमें भारतीय, यहूदी और अफ्रीकी-अमेरिकी समुदायों के लोगों को निशाना बनाने से संबंधित बातें भी होने का दावा किया गया है. आरोपी पर आतंकवादी धमकी और हथियार रखने से जुड़े आरोप लगाए जाने की जानकारी सामने आई है. अदालत ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है.
भारत ने भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर दिया जोर
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत सरकार ने कहा कि अमेरिका में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने नस्लीय और धार्मिक नफरत से प्रेरित हिंसा के खिलाफ सतर्कता बढ़ाने और ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई. अमेरिकी पुलिस और एफबीआई मामले की जांच कर रही हैं. जांच एजेंसियां साजिश के पीछे की मंशा और इसमें और कोई व्यक्ति तो शामिल नहीं है इसका पता लगाने की कोशिश कर रही हैं. फिलहाल, मामले में जांच जारी है. साजिश और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े आखिरी जांच और सुनवाई पूरी होने के बाद ही सामने आएगी .