Amarnath Yatra News: (आसिफ सुहाफ, श्रीनगर) अमरनाथ यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा है। बाबा बर्फानी के जयकारों के साथ छह दिन में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 1.30 लाख को पार कर गया है। 4 जुलाई की शाम तक दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पवित्र गुफा में 24 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पहले पांच दिनों में 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा पूरी कर ली है। 29 जून से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के पहले पांच दिनों में ये नया रिकॉर्ड है। अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के मुताबिक तीन जुलाई को 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा अमरनाथ के दर्शन किए हैं।
साढ़े 3 लाख भक्तों ने करवाया है पंजीकरण
इस तरह पहले पांच दिनों में बाबा बर्फानी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 1 लाख को पार कर गया है। श्राइन बोर्ड के मुताबिक यात्रा की शुरुआत के बाद से 6 दिनों में 1 लाख 30 हजार 189 लोगों ने पवित्र गुफा में हाजिरी लगाई है। साल 2023 में यात्रा के पहले 10 दिनों में इतने लोगों ने दर्शन किए थे। इस साल यात्रा के लिए 3.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बता दें कि हिंदू धर्म में अमरनाथ यात्रा का बड़ा महत्व है। 3,888 मीटर ऊंची गुफा में भगवान शिव अपने बर्फानी स्वरूप में मौजूद रहते हैं। अमरनाथ यात्रा को चारधाम यात्रा के तहत एक धाम माना जाता है।
बाल्टाल में मिले एक श्रद्धालु ने बताया कि मैं अभी अमरनाथ यात्रा पूरी करके लौटा हूं। हम बाल्टाल रूट से गए थे। यह आनंददायी अनुभव था। बारिश न होने से उनको गर्मी महसूस हुई। हमें बाबा के दर्शन का असीम सौभाग्य प्राप्त हुआ। मेरे साथ कई और श्रद्धालु थे। पिछले पांच दिनों में लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं। बता दें कि अमरनाथ यात्रा दो रूटों (बाल्टाल और पहलगाम) से पवित्र गुफा तक चलती है।
केंद्र शासित प्रदेश में यात्रा के लिए निर्धारित रूट पर 60 से 70 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। यात्रा की शुरुआत से पहले अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिहाज से कई समीक्षा बैठकें हुई थीं, ताकि यात्रा के पूरे मार्ग का एक-एक हिस्सा सुरक्षित किया जा सके।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किए हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा रूट के लिए रियल टाइम सर्विलांस सिस्टम तैयार किया है। डिजिटल हाईटेक कमांड कंट्रोल सेंटर भी इसके लिए स्थापित किया गया है। इससे यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलती है। हाईटेक कमांड कंट्रोल सेंटर में 20 सरकारी विभागों के कम से कम 60 लोग दिन-रात काम कर रहे हैं। कमांड सेंटर में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, पीएचई, पीडीडी और टेलीकॉम के साथ अन्य विभाग शामिल हैं। 52 दिन चलने वाली यह यात्रा श्रावण पूर्णिमा के मौके पर 19 अगस्त को संपन्न होगी। इसी दिन पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा।
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