साइक्लोन 'अर्नब' के बाद 'मुरासु' का अलर्ट, 3 नवंबर को होगा लैंडफॉल, जानें इस हफ्ते देशभर में कैसा रहेगा मौसम?
Cyclone Murasu News: अभी चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर खत्म हुआ भी नहीं था, कि अब ‘मुरासु’ तूफान की चेतावनी जारी हो गई है. ये अगले 2 दिनों में आंध्र प्रदेश के तटवर्ती इलाकों से टकरा सकता है, स्थानीय प्रशासन इस खतरे से निपटने के लिए पहले से ही तैयार है.
साइक्लोन 'अर्नब' के बाद अब चक्रवात 'मुरसु' की चेतावनी (Photo-PTI)
Cyclone Murasu Alert: बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘अर्नब’ के कुछ ही दिनों बाद एक और चक्रवाती तूफान आ सकता है. IMD ने ‘मुरासु’ नाम के चक्रवात के बनने की संभावना जताई है. बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक ‘डिप्रेशन’ और मजबूत होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. ये आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ सकता है और 3 नवंबर की सुबह तट से टकरा सकता है. अगर ये सिस्टम साइक्लोन में बदलता है, तो इसका नाम ‘मुरासु’ रखा जाएगा, जो भारत की तरफ से सुझाया गया नाम है. ये इस साल बंगाल की खाड़ी में आने वाला दूसरा चक्रवाती तूफान हो सकता है.
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मछुआरों के लिए सलाह
IMD के डायरेक्टर मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक, इस सिस्टम के कारण 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों के रूप में 100 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. मौसम विभाग ने मछुआरों को 4 नवंबर की दोपहर तक समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है. जो लोग पहले से ही प्रभावित समुद्री इलाकों में हैं, उनसे तट पर वापस लौटने को कहा गया है.
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The Depression over Southeast Bay of Bengal moved west-northwestwards with speed of 22 kmph during past 6 hours and lay centered at 2330 hours IST of yesterday, the 31st October, 2026 over the same region, near Latitude 10.9°N and Longitude 87.5°E, about 830 km east-southeast of… pic.twitter.com/6dJgwGnZN1
— India Meteorological Department (@Indiametdept) October 31, 2026
महापात्र ने चेतावनी दी है कि पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पूर्व और मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्से मछली पकड़ने वाली नावों और छोटी नौकाओं के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं. IMD ने 2 और 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश और रायलसीमा रीजन में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है. दक्षिणी ओडिशा में भी 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश होने की संभावना है.
नवंबर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान
एक और चक्रवात की संभावना के बावजूद, IMD का मानना है कि नवंबर 2026 में भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम काफी हद तक सूखा रहेगा. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य औसत बारिश का 77% से भी कम हिस्सा मिलने की संभावना है. मध्य, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर, बाकी ज्यादातर इलाकों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है.
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कई क्षेत्रों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी मौसमी औसत से ऊपर रहने की उम्मीद है. हालांकि, हिमालय की तलहटी और मध्य तथा पूर्वी भारत के कुछ हिस्से इसके अपवाद हो सकते हैं. IMD ने इस जलवायु पूर्वानुमान के लिए आंशिक रूप से ‘अल नीनो’ की लगातार मजबूत स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि ‘इंडियन ओशन डाइपोल’ के तटस्थ रहने की उम्मीद है.
मानसून की वापसी और पूर्वोत्तर मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 19 सितंबर से शुरू हुई लगभग सामान्य वापसी प्रक्रिया का पालन करते हुए 14-15 अक्टूबर के आसपास भारत से अपनी वापसी पूरी कर ली. इसी बीच 15 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश, साउथ इंटेरियर कर्नाटक और केरल में पूर्वोत्तर मानसून का आगमन हो गया.