'छात्रों का गुस्सा अभी…', पेपर लीक बिल पर क्या बोले अभिजीत दीपके; साथ ही दी बड़े प्रदर्शन की चेतवानी
Author: Shariqul Hoda
2026-07-29 21:17:57
Abhijeet Dipke Warns Of Bigger Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा है कि परीक्षा पेपर लीक को लेकर छात्रों का विरोध अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर छात्रों पर दर्ज आपराधिक मामले वापस नहीं लिए गए, तो और बड़े प्रदर्शन हो सकते हैं. उनके ये बयान लोकसभा द्वारा ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) अमेंडमेंट बिल 2026’ को मंजूरी देने के कुछ देर बाद आए हैं. इस बिल का मकसद पेपर लीक के मामलों में सख्स एक्शन लेना है.
राहुल गांधी के बयान पर मचा हंगामा
ये संशोधन बिल संसद के हंगामेदार सत्र के दौरान ध्वनि मत से पास हुआ. मानसून सेशन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणियों को लेकर विरोध और विपक्ष का वॉकआउट भी देखने को मिला. अब ये विधेयक राज्यसभा में पास होने के लिए भेजा जाएगा.
‘सिर्फ कानून काफी नहीं’
इस कानून पर अपना रिएक्शन देते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि सिर्फ नए कानून लाने से प्रॉब्लम खत्म नहीं होगी. उनके मुताबिक, सार्थक बदलाव के लिए सुधारों को लागू करने में ईमानदारी और जवाबदेही की जरूरत है. उन्होंने पेपर लीक मामलों के लिए हाल ही में बनी फास्ट-ट्रैक कोर्ट के इफेक्टिवनेस पर भी सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि इसकी पहली सुनवाई इसलिए टाल दी गई क्योंकि सीबीआई के वकील मौजूद नहीं थे.
सरकार को दी चेतावनी
दिपके ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी अपना अभियान तब तक जारी रखेगी जब तक छात्रों पर दर्ज मामले वापस नहीं ले लिए जाते. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को अभी भी परेशान किया जा रहा है और जोर देकर कहा कि लोगों में नाराजगी अभी भी बनी हुई है. उन्होंने कहा, ‘अगर छात्रों के खिलाफ FIR वापस नहीं ली गईं तो हम अपना विरोध जारी रखेंगे. जरूरत पड़ी तो अगला विरोध और भी बड़ा होगा.’
‘बड़ा विरोध कर सकते हैं’
अभिजीत दिपके ने आगे कहा, ‘अगर एफआईआर वापस नहीं ली गईं और छात्रों को इसी तरह परेशान किया जाता रहा, तो हम फिर से विरोध करेंगे. इस सरकार को ये समझना होगा कि छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है.’ सीजेपी नेता ने इस विचार को भी खारिज कर दिया कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से लोगों की नाराजगी कम हो जाएगी. उन्होंने कहा, ‘अगर उन्हें लगता है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से यह गुस्सा शांत हो जाएगा, तो ये सच नहीं है. लोगों में बहुत गुस्सा है, और जरूरत पड़ने पर ये विरोध फिर से होगा, और यह पिछले विरोध से भी बड़ा होगा.
‘छात्रों पर न हो कानूनी कार्रवाई’
ये संशोधन NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में हुए गुस्से के बाद लाया गया था. जहां सरकार का कहना है कि ये कानून पब्लिक एग्जाम में अनफेयर प्रैक्टिस के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत करता है, वहीं दिपके का तर्क है कि कानूनी सुधारों के साथ-साथ जवाबदेही और कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों को राहत भी मिलनी चाहिए.
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