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Balasore Train Tragedy: उड़ीसा में रेल हादसे के बाद तोड़ा गया 65 साल पुराना सरकारी स्कूल, जानें क्यों?

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Balasore Train Tragedy

Balasore Train Tragedy: ओडिशा में बालासोर ट्रेन दुर्घटना के बाद बहानागा स्कूल को ढहाया जा रहा है। यहां दो जून को दुर्घटना में मारे गए लोगों के शवों को रखा गया था। हादसे के बाद बच्चों ने स्कूल आने से मना कर दिया है। इसकी वजह एक अफवाह है। कोई कह रहा है कि स्कूल से चीखने की आवाजें आती हैं। कोई रात में सिर कटी लाशों के भूतों को देखने का दावा कर रहा है। छात्रों के अलावा शिक्षक भी सहमे हैं।

अस्थाई इंतजाम कर शुरू करेंगे पढ़ाना

स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि अभिभावक और बच्चे कह रहे हैं कि वहां पर शवों को रखा गया था, हम वहां नहीं जाएंगे। कल जिलाधिकारी ने दौरा किया था। ये सब एक अंधविश्वास है। जिन कमरों में शवों को रखा गया था उसको तोड़ कर नया भवन 4-5 महीनों में बनाया जाएगा। तब तक के लिए अस्थायी व्यवस्था कर बच्चों को पढ़ाया जाएगा।

हफ्ते भर बाद खुलेगा स्कूल

ओडिशा में 16 जून से फिर से स्कूल खुलने जा रहे हैं। लेकिन आसपास के लोगों के दिल-दिमाग पर हादसे का गहरा असर हुआ है। इस सरकारी स्कूल को हादसे के बाद मुर्दाघर बना दिया गया था। स्थानीय लोग इसे तोड़कर नया बनाने की मांग कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने भी इसे ढहाने की गुहार लगाई। वहीं, स्कूल की प्रिंसपल प्रमिला स्वैन ने कहा कि स्कूल खुलने पर धार्मिक आयोजन और पूजा पाठ किया जाएगा।

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रेल हादसे में 288 लोगों की हुई मौत

ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रिपल ट्रेन हादसे को आज पूरे एक हफ्ते हो गए। 2 जून की शाम सात बजे के आसपास बहनागा बाजार रोड रेलवे स्टेशन पर कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई। इसके बाद बेपटरी हुए डिब्बों को हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 288 लोगों की मौत हुई। जबकि 1100 से अधिक लोग घायल हुए।

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