प्रप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस का उद्धाटन किया. उन्होंने उद्धाटन करते हुए कहा कि अब देश के कोने-कोने तक 5जी कनेक्टिविटी पहुंच गई है. उन्होंने कहा, एक दशक पहले तक भारत में डिजिटल डिवाइड बहुत बड़ी चुनौती थी, आधुनिक तकनीक एक प्रिविलेज बनती जा रही थी. यानि जिसके पास साधन है, वही आधुनिक तकनीक का लाभ ले सकता था, भारत में यही स्थिति बनती जा रही थी. डिजिटल इंडिया अभियान से हमने इस स्थिति को बदलने की ठानी और इसके सेंटर में मोबाइल फोन लेकर आए.
उन्होंने कहा, ‘आज जब टेलीकॉम और डिजिटल टेक्नोलॉजी का इतना महत्व है, तब इससे जुड़े सिक्युरिटी फ्रेमवर्क को भी चाक-चौबंद करना आवश्यक है. फोन की सिक्यूरिटी और नेटवर्क की सिक्युरिटी हम सभी की प्राथमिकता है.
साथ ही उन्होंने कहा, ‘बीते वर्षों में भारत ने कंजूमर से क्रिएटर बनने की यात्रा तय की है. अब भारत, उस लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है, जहां प्रोडेक्ट, डिजाइन भी भारत में होगा, उसकी तकनीक और आईपी भी भारत की होगी. बीते दशक में भारत के टेलीकॉम इंफ्रा का निरंतर विस्तार हुआ है. रिमोट एरिया में टावर्स लगाए गए, ऑप्टिकल फाइबर का अभूतपूर्व विस्तार हुआ और डेटा भी सस्ता हुआ. इससे इकॉनमी के नए सेक्टर का भी निर्माण हुआ है. इससे टेक्नोलॉजी, मनोरंजन, एजुकेशन सेक्टर में नए कंज्यूमर्स भी बढ़े और नए क्रिएटर्स की भी एक नई जनरेशन भी तैयार हुई.’
गेमिंग सेक्टर के बारे में उन्होंने कहा, ‘एक अनुमान है कि आज भारत में 50 करोड़ से ज्यादा लोग किसी न किसी तरह से गेमिंग सेक्टर से जुड़े हैं. इसमें बहुत बड़ी संख्या भारत के युवाओं की है. टियर 2 और टियर 3 शहरों का युवा भी इससे जुड़ा है. अब वो गेम से जुड़ने के साथ ही ई-स्पोर्ट में कंपीट कर रहा है, गेमिंग केंटेंट बना रहा है और नए गेमिंग बिजनेस खड़े कर रहा है. यानी भारत में मोबाइल फोन आज गेमिंग कॉन्सोल भी है और क्रिएशन का स्टूडियो भी बना गया है.’
साथ ही उन्होंने कहा, मोबाइल फोन सिर्फ चेट का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने लेस ट्रेवल, लेस वेटिंग, लेस कॉस्ट, मोर कन्वीनियंस… ये सब कुछ सुनिश्चित कर दिया. यही तकनीक का सबसे बड़ा नागरिक लाभांश है. मोबाइल और इंटरनेट की कनेक्टिविटी ने एजुकेशन, हेल्थ और सरकारी सर्विस को बिना बाधा चालू रखा. आज दूर-सुदूर गांव, गरीब के बच्चे भी क्वालिटी नोलेज एक्सेस कर पा रहे हैं. डिजिटल लर्निंग सबकी पहुंच में आ रही है.