'जरुरत पड़ेगी तो कोविड को लेकर नई गाइडलाइन बनाएंगे' कोरोना के खतरे को देखते हुए बोले डॉ वीके पॉल

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नई दिल्ली: कोरोना के खतरे को देखते हुए नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने बुधवार को कहा कि भारत की केवल 27-28 प्रतिशत योग्य आबादी ने कोविड-19 की एहतियाती खुराक ली है। साथ ही उन्होंने लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर टीका लगाने और मास्क पहनने की सलाह दी है।

उन्होंने लोगों से पैनिक न करने अपील की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के दिशा-निर्देशों में अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। पॉल ने कहा, “लोगों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनना चाहिए। जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है या बुजुर्ग हैं उन्हें विशेष रूप से इसका पालन करना चाहिए।”

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पॉल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा विश्व स्तर पर विशेष रूप से चीन में कोविड मामलों में वृद्धि के बीच आयोजित एक समीक्षा बैठक के बाद यह बयान दिया।

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि कुछ देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर, मैंने आज विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। कोविड अभी खत्म नहीं हुआ है। मैंने सभी संबंधितों को सतर्क रहने और निगरानी मजबूत करने का निर्देश दिया है। हम किसी भी स्थिति का प्रबंधन करने के लिए तैयार हैं।

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स्वास्थ्य सचिव, औषधि विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, आयुष, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक राजीव बहल, पॉल और टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) के अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने अन्य लोगों के साथ बैठक में भाग लिया।

जापान, अमेरिका, कोरिया गणराज्य, ब्राजील और चीन में मामलों में वृद्धि के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि कोरोना के केस पर नजर रखें। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा था कि इस तरह की कवायद देश में चल रहे नए वेरिएंट, यदि कोई हो, का समय पर पता लगाने में सक्षम होगी और आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की सुविधा प्रदान करेगी।

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