स्वास्थ्य का सही होना सभी इंसानों के जीवन की अहम कड़ी होती है। अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं और बीमारियों को समर्पित कई दिन सेलिब्रेट किए जाते हैं, लेकिन वर्ल्ड हेल्थ डे भी एक खास दिन के रूप में मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य दिवस लोगों की सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। यह दिन हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाता है। इस साल की थीम Healthy beginnings, Hopeful futures है। यह थीम गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य पर आधारित है।
इस साल की थीम क्यों खास?
विश्व स्वास्थ्य दिवस 2025 की थीम है- हेल्दी बिगिनिंग्स, होपफुल फ्यूचर्स। सरल भाषा में समझें तो स्वस्थ शुरुआत, आशावादी भविष्य। यह वर्ष गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सेहत पर ध्यान आकर्षित करने के लिए रखा गया है। दरअसल, इस थीम का मतलब है कि माताओं और नवजात शिशुओं की मृत्यु को रोका जा सके। 7 अप्रैल से इसके लिए मुहिम शुरू की जाएगी, जो पूरे साल चलाई जाने वाली है। साथ ही, सरकार द्वारा भी इस कार्य को पूरा करने के लिए प्रोत्साहन को बढ़ावा दिया जाएगा। अभियान के लिए कई रणनीतियों की शुरुआत भी की जाएगी।
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मैटरनल एंड न्यू बॉर्न की सेहत क्यों जरूरी?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO, World Health Organisation) द्वारा एक सर्वे में पाया गया है कि हर साल लगभग 300,000 महिलाएं गर्भावस्था या प्रसव के दौरान अपनी जान गंवा देती हैं, जबकि 20 लाख से अधिक बच्चे अपने पैदा होने के पहले महीने में ही मर जाते हैं। वहीं, लगभग 20 लाख बच्चे तो मृत पैदा होते हैं। इस अभियान के तहत मुहिम चलाई जाएगी की साल 2023 तक इस समस्या को कम किया जा सके और मौतों की रोकथाम की जा सके। यह इसलिए भी जरूरी है क्योंकि माता और शिशु, दोनों का स्वास्थ्य और भविष्य पूरे परिवार संयोजन की दर को नियंत्रित करता है।
गर्भवती महिला और नवजातों की सेहत के लिए जरूरी कदम
1. गर्भवती महिलाओं की सेहत के लिए शुरुआती जांचों में बदलाव और सही उपचार के प्रबंध किए जा सकते हैं।
2. गर्भावस्था के दौरान खान-पान, सही और पौष्टिक डाइट के बारे में जागरुकता बढ़ानी चाहिए।
3. सावधानी के साथ शारीरिक गतिविधियों का पालन करना आवश्यक होता है। आलस और कम व्यायाम भी सेहत गर्भावस्था में सेहत खराब कर सकता है।
4. मेंटल हेल्थ पर भी ध्यान देना जरूरी है। कई बार पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को नए अनुभवों और बदलावों के कारण स्ट्रेस महसूस होने लगता है।
5. अस्पताल में गर्भवती महिला के लिए डिलीवरी के लिए भी सही उपकरणों, सही स्वास्थ्य सेवाओं और शिशु के लिए पर्याप्त और बेहतर वातावरण देने की सुविधा का आयोजन करना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य दिवस का इतिहास
WHO ने साल 1948 में इस दिवस को पहली बार 7 अप्रैल को ही मनाया था। इस दिवस की नींव भी उसी दिन रखी गई थी। मगर स्थापना साल 1950 में की गई थी। इस दिन को मनाने के पीछे महत्व लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, सभी लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और ग्लोबल हेल्थ चैलेंजेस को लेकर नियमों व उपचारों को बढ़ावा देना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हेल्थ डिपार्टमेंट्स, संगठनों और आम जनता को सेहत के लिए अवेयरनेस के साथ समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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