World Cancer Day 2026: कैंसर के 7 चेतावनी संकेत क्या हैं? यहां जानिए कैसे पता चलेगा शरीर में पनपने लगी है यह जानलेवा बीमारी

Warning Signs Of Cancer: विश्व कैंसर दिवस पर जानिए क्यों मनाया जाता है यह दिन और कैंसर से पहले शरीर में कैसे लक्षण नजर आने लगते हैं. इस तरह समय रहते कैंसर के चेतावनी संकेत पहचानकर इलाज शुरू किया जा सकता है.

Cancer Ke Lakshan

कैंसर होने पर शरीर पर कैसे लक्षण नजर आते हैं, जानिए यहां.

World Cancer Day 2026: हर साल 4 फरवरी के दिन विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है. यह दिन कैंसर को लेकर लोगों को जागरुक करने के लिए मनाते हैं और कोशिश की जाती है कि लोगों को कैंसर के खतरों और शुरुआती लक्षणों से अवगत कराया जा सके जिससे समय रहते कैंसर की पहचान करके इसका पता लगाया जा सके और बीमारी का इलाज शुरू किया जा सके. इस साल विश्व कैंसर दिवस की थीम है ‘यूनाइटेड बाय यूनिक’. साल 2000 में वर्ल्ड समिट अगेन्स्ट कैंसर फॉर द मिलेनियम इन पेरिस में कैंसर दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी. इसके बाद से हर साल विश्व कैंसर दिवस का आयोजन होता है और सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाएं कैंसर से निवारण, बचाव और इलाज (Cancer Treatment) को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे अवगत कराने के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं. कैंसर शरीर में पनपने लगता है तो इसके वॉर्निंग साइन नजर आने लगते हैं. इसका समय रहते इलाज ना किया जाए तो यह जानलेवा बन सकता है. ऐसे में यहां जानिए कैंसर के शुरुआती लक्षण (Cancer Symotoms) या चेतावनी संकेत क्या हैं जिन्हें समय रहते पहचानना जरूरी होता है.

विज्ञापन

कैंसर के 7 चेतावनी संकेत क्या हैं | 7 Warning Signs Of Cancer

वजन कम होना – बिना कोशिश किए वजन कम होना कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है. खासतौर से अगर बिना ट्राई किए कम समय में 4 से 5 किलो वजन कम हो जाए तो यह खतरे की घंटी हो सकती है.

विज्ञापन

हर समय थकान रहना – शरीर में हर समय थकान रहना कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है. अपने रोजमर्रा के काम करने में भी व्यक्ति को दिक्कत होने लगती है.

हर समय दर्द रहना – सिर, कमर, पेट या फिर हड्डियों में हर समय दर्द रहता है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है.

विज्ञापन

बिना वजह ब्लीडिंग होना – महिलाओं में वजाइनल ब्लीडिंग या फिर वाइट डिस्चार्ज की दिक्कत होती है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है. इसके अलावा, महिला और पुरुष दोनों में मल में खून नजर आना या पेशाब में खून या खांसते हुए खून आना भी सामान्य नहीं होता है.

शरीर पर गांठ बनना – कैंसर का एक और चेतावनी संकेत है अचानक से शरीर के किसी हिस्से में गांठ बनना. यह गांठ बिना दर्द वाली भी हो सकती है और ज्यादातर छाती, गर्दन, जननांगों या बगल पर बन सकती है.

विज्ञापन

छालों का ना भरना – अगर मुंह या शरीर के किसी हिस्से पर छाला निकला हो और वह कई दिनो में भी ना भरे तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी होता है.

कुछ भी निगलने में दिक्कत – मुंह के कैंसर, गले के कैंसर में, भोजन नली के कैंसर में या फिर पेट या छाती के कैंसर में कुछ भी निगलने में दिक्कत होने लगती है. अगर 3 से 4 हफ्तों तक यह दिक्कत बनी रहती है तो यह कैंसर का लक्षण (Cancer Ke Lakshan) हो सकता है.

विज्ञापन

किस कैंसर में कैसे लक्षण दिखते हैं

स्तन कैंसर के लक्षण

विज्ञापन
  • स्तन कैंसर (Breast Cancer) होने पर स्तन पर या बगल पर गांठ बन सकती है जो दर्द हो भी सकती है और नहीं भी.
  • स्तन की शेप और साइज में अंतर आने लगता है और एक स्तन दूसरे स्तन से अलग दिखना शुरू हो जाता है.
  • स्किन का कलर बदल जाता है और लाल नजर आ सकता है.
  • स्तन की त्वचा संतरे के टेक्सचर वाली नजर आ सकती है.
  • निपल अंदर की तरफ मुड़े हुए नजर आ सकते हैं.
  • निपल में से वाइट पानी निकल सकता है.

फेफड़ों के कैंसर के लक्षण

  • 3 से 4 हफ्तों तक खांसी आ सकती है.
  • हर समय सांस फूलने लगती है.
  • छाती में दर्द होता है.
  • बार-बार इंफेक्शंस होने लगते हैं.
  • बलगम के साथ ही खून नजर आ सकता है.

आंतों के कैंसर के लक्षण

विज्ञापन
  • आंतों के कैंसर (Colon Cancer) में मलाशय से खून निकलने लगता है.
  • बाउल मूवमेंट्स में बदलाव होने लगता है.
  • पेंसिल की तरह पतला मल निकल सकता है.
  • पेट में दर्द होने लगता है, अक्सर ही पेट फूला रहता है और असहजता बनी रहती है.
  • बिना किसी कारण के वजन कम होने लगता है, बवासीर हो सकता है या फिर शरीर में हर समय थकान रहती है.

स्किन कैंसर के लक्षण

  • शरीर पर निकला तिल पूरी तरह एक जैसा नजर नहीं आता है. तिल दोनों हिस्सों से अलग-अलग शेप का दिखता है, गोल नहीं होता.
  • दाना या तिल रेग्यूलर शेप का नहीं होता या फिर धुंधला नजर आता है.
  • त्वचा पर अलग-अलग रंग के दाग निकलने लगते हैं जैसे भूरे, काले, लाल, सफेद या नीले रंग के.
  • यह दाग या फिर दाना 6mm से ज्यादा बड़ा नजर आता है.
  • यह दाग साइज, शेप और रंग बदलता रहता है. इसपर खुजली भी हो सकती है.

यह भी पढ़ें – बिना दवा के बीपी कैसे कम करें? दिल के डॉक्टर ने बताया इन 5 तरीकों से घर पर ही ठीक हो जाएगी ब्लड प्रेशर की दिक्कत

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ