Premature Menopause Symptoms: एक महिला को अपने जीवन में कई सारे पड़ावों से गुजरना पड़ता है। पीरियड्स से लेकर मेनोपॉज उम्र के हर मोड़ पर उन्हें समस्याओं का सामना करना ही पड़ता है।
जब एक महिला को 12 महीने तक पीरियड्स न आएं और इसके बाद पीरियड हमेशा के लिए बंद हो जाए तो इसे मेनोपॉज कहते हैं, लेकिन मेनोपॉज से पहले अगर एक महिला प्रीमेच्योर मेनोपॉज से गुजर रही है तो ये कंडीशन गंभीर हो सकती है। क्योंकि जो महिलाएं 40 साल की उम्र से पहले रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) में आती हैं, उनकी कम उम्र में मृत्यु होने की आशंका ज्यादा होती है। दरअसल, एक रिसर्च में यह बात सामने आई है।
स्वीडन में एंडोक्रिनोलॉजी की 26वीं यूरोपीय कांग्रेस में एक नई स्टडी में पाया गया है कि जो महिलाएं 40 साल की उम्र से पहले मेनोपॉज में आती हैं, उनकी कम उम्र में ही मरने की संभावना ज्यादा होती है। हालांकि, स्टडी से यह भी पता चला कि हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (Hormone Replacement Therapy) से खतरे को कम किया जा सकता है जो कि सबसे आम उपचार है।
जबकि ज्यादातर महिलाओं को 45 और 55 की उम्र के बीच मेनोपॉज होता है, लगभग 1 % को 40 साल की आयु से पहले मेनोपॉज होता है, जिसे समय से पहले मेनोपॉज या समय से पहले ओवेरियन के रूप में जाना जाता है। इससे दिल की बीमारियां जैसी सेहत से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
इसके पीछे का कारण काफी हद तक पता नहीं है, लेकिन कुछ मेडिकल उपचारों जैसे कि कीमोथेरेपी या सर्जरी के द्वारा ओवरी को हटाकर हो सकता है।
प्री मैच्योर मेनोपॉज क्या है?
समय से पहले मेनोपॉज जिसे समय से पहले ओवेरियन फेलियर के रूप में भी जाना जाता है, यह एक ऐसी कंडीशन है जिसमें एक महिला की ओवरी 40 साल की आयु से पहले काम करना बंद कर देती हैं। इससे एस्ट्रोजन के लेवल में कमी हो सकती है और पीरियड का खत्म होना और प्रेगनेंसी करने में असफल हो सकती हैं।
प्री मैच्योर मेनोपॉज के लक्षण
- इर्रेगुलर पीरियड्स
- अचानक बुखार वाली गर्मी जैसा महसूस करना
- रात को पसीना आना
- वजाइना में ड्राइनेस
- मूड स्विंग होना
- सोने में परेशानी
इसके अलावा महिलाओं को शारीरिक बदलावों भी महसूस होते हैं, जैसे- बाल पतले होना, ड्राई स्किन और ब्रेस्ट साइज कम होना पाया जाता है।
स्टडी क्या कहती है?
फिनलैंड में ओउलू विश्वविद्यालय की टीम ने 1988 और 2017 के बीच फिनलैंड में प्री मैच्योर मेनोपॉज से पीड़ित 5,817 महिलाओं की जांच की और उनकी तुलना बिना पीओआई वाली 22,859 महिलाओं से की गई है। नतीजों से पता चला कि समय से पहले प्री मैच्योर मेनोपॉज ने दिल की बीमारी के किसी भी कारण से मरने का जोखिम दो गुना से अधिक बढ़ा दिया और कैंसर से चार गुना से ज्यादा पाया गया है।
दूसरी ओर, छह महीने से अधिक समय तक एचआरटी (Hormone Replacement Therapy) का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में सभी कारणों और कैंसर से होने वाली मृत्यु का जोखिम आधा हो गया है। इसके अलावा, सर्जरी के कारण जल्दी मेनोपॉज वाली महिलाओं में मृत्यु दर का कोई जोखिम नहीं पाया गया।
फिनलैंड में ओउलू विश्वविद्यालय के डॉक्टर हिल्ला हापा कास्की ने कहा कि इसके अलावा मृत्यु दर को कम करने के लिए समय से पहले प्री मैच्योर मेनोपॉज वाली महिलाओं की सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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