बुलिमिया नर्वोसा और एनोरॉक्सिया नर्वोसा में क्या अंतर होता है? जानिए कैसे दिखते हैं इन Eating Disorders के लक्षण

Anorexia And Bulimia Nervosa Difference: बुलिमिया नर्वोसा और एनोरॉक्सिया नर्वोसा ईटिंग डिसऑर्डर हैं. ये दोनों ही डिसऑर्डर एकदूसरे से कैसे अलग हैं और इनके लक्षण किस तरह पहचाने जा सकते हैं, जानिए यहां.

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ईटिंग डिसोर्डर के क्या लक्षण होते हैं.

Eating Disorders: बुलमिया नर्वोसा और एनोरॉक्सिया नर्वोसा दोनों ही ईटिंग डिसऑर्डर हैं. ये दोनो ही डिसऑर्डर मेडिकली मेंटल डिसऑर्डर की कैटेगरी में आते हैं और व्यक्ति कि बॉडी इमेज की चिंता से ट्रिगर हो सकते हैं. हाल ही में कुछ-कुछ होता है फेम सना सईद ने भी इस बात का खुलासा किया है कि वे सालों से बुलिमिया नर्वोसा (Bulimia Nervosa) से पीड़ित थीं. लेकिन, बुलिमिया और एनोरॉक्सिया कई तरह से अलग-अलग हैं. ऐसे में इन ईटिंग डिसऑर्डर को पहचानकर जल्द से जल्द मदद ली जा सकती है. यहां जानिए बुलिमिया नर्वोसा और एनोरॉक्सिया नर्वोसा क्या होते हैं और इनके लक्षण कैसे नजर आते हैं.

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ईटिंग डिसऑर्डर क्या होता है

ईटिंग डिसऑर्डर का मतलब है व्यक्ति को खाने से जुड़ी दिक्कतें होना और अपने दिमाग में खाने की एक अलग ही इमेज बना लेना जिससे या तो व्यक्ति खाना ज्यादा खाने लगता है और फिर शर्मिंदगी महसूस करता है या फिर उसकी खाना खाने की इच्छा ही चली जाती है.

बुलमिया क्या होता है

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बुलिमिया नर्वोसा से पीड़ित व्यक्ति खाने के साथ एक अनहेल्दी रिश्ता बना लेता है. वह कई बार खाने की सही साइकल को तोड़कर बिंज ईटिंग करने लगता है और फिर जितनी कैलोरी ले ली गई हैं उन्हें सोच-सोचकर पैनिक करने लगता है. इससे व्यक्ति में एक्स्ट्रीम बिहेवियर देखने को मिल सकता है और उसका वजन बढ़ सकता है.

बुलिमिया 2 तरह का होता है, एक पर्जिंग बुलिमिया जिसमें व्यक्ति बहुत ज्यादा खा लेने के बाद उल्टी करने लगता है. इसमें व्यक्ति डायुरेटिक्स या लैक्सेटिव का गलत इस्तेमाल भी शुरू कर देता है. दूसरा है नॉन पर्जिंग बुलिमिया जिसमें व्यक्ति जरूरत से ज्यादा एक्स्ट्रीम एक्सरसाइज करने लगता है.

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बुलिमिया से पीड़ित बहुत से लोगों को एंजाइटी भी होने लगती है क्योंकि वे हर समय अपनी बिंज ईटिंग के बारे में सोचते रहते हैं. इससे व्यक्ति में इमोशनल, व्यवहारिक और शारीरिक लक्षण भी नजर आने लगते हैं.

बुलिमिया के लक्षण कैसे दिखते हैं

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  • बुलिमिया से पीड़ित व्यक्ति का वजन तेजी से बढ़ सकता है
  • आंखों लाल नजर आने लगती हैं
  • शरीर में पानी की कमी होने से होंठ फंटे हुए नजर आते हैं
  • जबरदस्ती उल्टी करने के कारण माउथ सेंसिटिविटी हो सकती है, दांत कमजोर होने लगते हैं और मसूड़े उखड़ना शुरू हो जाते हैं
  • लिम्फ नॉड्स सूज जाते हैं
  • उल्टी की कोशिश करते रहने से हाथों के नकल्स सूजे हुए या चोट लगे नजर आते हैं.

बुलिमिया के मरीज को अक्सर ही दूसरे लोगों के सामने खाने में झिझक होती है और व्यक्ति हर समय खाने के बारे में ही चिंता करता रहता है.

एनोरॉक्सिया क्या होता है

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एनोरॉक्सिया अपनी बॉडी इमेज बिगड़ने के कारण हो सकता है जिससे व्यक्ति को इमोशनल ट्रॉमा होने लगता है, एंजाइटी और डिप्रेशन हो सकता है. बहुत से लोग एनोरॉक्सिया में जरूरत से ज्यादा वजन घटा लेते हैं. व्यक्ति के इमोशनल, व्यवहारिक और शारीरिक लक्षण देखकर एनोरॉक्सिया का पता लगाया जा सकता है.

एनोरॉक्सिया के क्या लक्षण होते हैं

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  • एनोरॉक्सिया से पीड़ित व्यक्ति का वजन तेजी से कम होने लहगता है
  • नींद लेने में दिक्कत आती है या नींद नहीं आती है
  • कब्ज हो सकती है
  • शरीर में थकान रहती है और कमजोरी महसूस होती हैत्वचा पीली पड़ने लगती है
  • महिलाओं में पीरियड्स आना रुक सकते हैं या अक्सर ही मिस हो जाते हैं
  • इर्रेग्यूलर हार्टबीट महसूस होती है

एनोरॉक्सिया से पीड़ित व्यक्ति अक्सर ही खाना खाने से परहेज करता है, झूठ कहता है कि उसने खाना का लिया है, आमतौर पर लो कैलोरी फूड ही खाता है और अपने शरीर के बारे में बात करने से डरता है. यह व्यक्ति बैगी या अपने साइज से ज्यादा बड़े कपड़े पहनने की कोशिश करता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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