आज के समय में यौन स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और इन्हीं में से एक है ह्यूमन पैपिलोमावायरस यानी HPV. यह वायरस स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट से फैलता है और असुरक्षित शारीरिक संबंध इसके फैलने का सबसे बड़ा कारण माने जाते हैं. इस स्टोरी में हम इस गंभीर समस्या के बारे में आपको जागरूक करेंगे, ताकि भविष्य में आप किसी तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार न हो जाएं. अक्सर लोग इस बीमारी को सिर्फ महिलाओं की समस्या समझते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि HPV पुरुषों को भी प्रभावित कर सकता है. इतना ही नहीं, कई एक्सपर्ट्स इसे लिंग कैंसर का भी कारण मानते हैं. यही वजह है कि यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्या यह संक्रमण पुरुषों में लिंग के कैंसर का कारण बन सकता है या नहीं?
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HPV संक्रमण कैसे फैलता है?
HPV एक यौन संचारित संक्रमण है, जो शारीरिक संबंध के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह वायरस शरीर में लंबे समय तक बिना लक्षण के रह सकते हैं. कई मामलों में यह खुद ही ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों में यह गंभीर रूप ले सकता है. HPV संक्रमण को गर्भाशय (Cervical Cancer), योनि (Vaginal Cancer), एनल (Anal Cancer), ओरल (Oral Cancer) और गले के कैंसर (Throat Cancer) से जोड़ा गया है. साथ ही, पुरुषों में यह यौन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है और लंबे समय तक बना रहने पर कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है.
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एचपीवी और पेनाइल कैंसर के बीच क्या है संबंध?
विशेषज्ञों का कहना है कि HPV के कुछ प्रकार पुरुषों में पेनाइल यानी लिंग के कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं. खासतौर पर HPV 16 और HPV 18 जैसे हाई-रिस्क टाइप्स लिंग की कोशिकाओं के डीएनए को प्रभावित कर सकते हैं. जब यह संक्रमण लंबे समय तक बना रहता है, तो कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं. यही असंतुलन आगे चलकर ट्यूमर और फिर कैंसर का रूप ले सकता है. हालांकि पेनाइल कैंसर (Penile Cancer) एक दुर्लभ बीमारी है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना खतरनाक भी हो सकता है.
पेनाइल कैंसर क्या होता है?
पेनाइल कैंसर (Penile Cancer) पुरुषों के लिंग की त्वचा या अंदरूनी टिश्यू में विकसित होने वाला कैंसर है. यह धीरे-धीरे बढ़ता है और शुरुआती चरण में इसके लक्षण बहुत हल्के हो सकते हैं. अगर समय रहते इसका पता न चले, तो यह गंभीर रूप भी ले सकता है. हालांकि, सही समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी को काफी नियंत्रित किया जा सकता है. इसलिए किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए और किसी भी तरह कि दिक्कत होने पर शर्म न खाते हुए सीधे डॉक्टर से सलाह लें.
पेनाइल कैंसर के संभावित लक्षण क्या है?
पेनाइल कैंसर से जुड़े कुछ खास लक्षण हमने नीचे बताए हैं. अगर किसी को इस तरह की समस्या लंबे वक्त से देखने को मिल रही है, तो उसे चाहिए कि वह डॉक्टर से वक्त रहते सलाह लें. इसमें;
- लिंग पर घाव, छाले या गांठ का बनना.
- प्राइवेट पार्ट की त्वचा के रंग या बनावट में बदलाव.
- पेशाब करते समय दर्द या जलन महसूस होना.
- पेशाब के साथ मवाद या खून आना.
- लिंग में लगातार खुजली या जलन बनी रहना.
कैसे करें इस समस्या से बचाव?
अब सवाल उठता है कि इस समस्या से कैसे अपनी सुरक्षा की जा सकती है? बचाव के लिए;
- एचपीवी वैक्सीन लगाएं.
- शारीरिक संबंध बनाते वक्त कंडोम का उपयोग करें.
- प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई रखें
- धूम्रपान और शराब का सेवन से बचें.
- साथ ही, इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए पौष्टिक चीजों का सेवन करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.