निपाह वायरस के क्या लक्षण हैं? यहां जानिए तेजी से फैल रहे Nipah Virus की पहचान कैसे होती है

Nipah Virus Ke Lakshan: निपाह वायरस दिमाग में सूजन और कोमा तक की वजह बन सकता है. इस जानलेवा वायरस के लक्षणों को शुरुआत में ही पहचान लिया जाए तो जान बच सकती है. यहां जानिए कैसे फैलता है NiV और इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं.

Nipah Virus

निपाह वायरस से शरीर का कौन सा अंग प्रभावित होता है?

Nipah Virus Symptoms: पश्चिम बंगाल से सैंपल्स भेजे जाने के बाद नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे ने निपाह वायरस को कंफर्म किया है. यह वायरस जानलेवा है और इसके लक्षण दिखने के बाद व्यक्ति को कोविड-19 की ही तरह क्वारंटीन करना जरूरी होता है. निपाह वायरस (NiV) एक गंभीर संक्रमण है जो जानवरों से इंसानों में फैलता है. इसे ह्यूमन निपाह वायरस भी कहा जाता है. इसके लक्षण सामान्य से लेकर गंभीर होते हैं और मरीज की जान भी जा सकती है. ऐसे में इस वायरस से बचकर रहना और समय रहते इसके लक्षण पहचानकर खुद को क्वारंटीन करना जरूरी है. यहां जानिए निपाह वायरस के लक्षण, खतरे और बचाव के बारे में.

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निपाह वायरस के लक्षण कैसे दिखते हैं | Nipah Virus Ke Lakshan

निपाह वायरस से संक्रमित होने के बाद शरीर में ये लक्षण नजर आ सकते हैं –

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  • बुखार
  • सिरदर्द
  • खांसी
  • गले में दर्द
  • सांस लेने में दिक्कत
  • उल्टी होना
  • लक्षण गंभीर होने लगते हैं तो कंफ्यूजन होने लगती है
  • दिमाग में सूजन (Swelling In Brain) आ जाती है
  • दौरा पड़ सकता है
  • मरीज कोमा में जा सकता है.

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निपाह वायरस के लक्षण कितने दिनों में नजर आते हैं?

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निपाह वायरस के लक्षण (Nipah Virus Ke Lakshan) निपाह वायरस की चपेट में आने के 4 से 14 दिनों तक दिख सकते हैं. संक्रमण के शुरुआती 3 से 14 दिनों में बुखार और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखने लगते हैं. इसके अलावा, श्वसन संबंधी दिक्कतें होती हैं. दिक्कत बढ़ती जाती है तो दिमाग में सूजन तक आ सकती है. इस सूजन और दिमाग के सही तरह से काम ना करने के चलते व्यक्ति 24 से 48 घंटों में कोमा में भी जा सकता है.

कैसे फैलता है निपाह वायरस?

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  • संक्रमित जानवार के सीधे संपर्क में आने पर यह वायरस फैल सकता है. चमगादड़ या सुअर के शरीर के फ्लुइड्स जैसे खून, थूक या पेशाब के संपर्क में आने पर निपाह वायरस हो सकता है.
  • संक्रमित जानवर को खाने पर यह वायरस अपनी चपेट में ले सकता है.
  • किसी संक्रमित व्यक्ति के शरीर के फ्लुइड्स यानी पेशाब, मुंह से निकले द्वव के कण या खून के संपर्क में आने पर निपाह वायरस संक्रमित कर सकता है.

इस वायरस से जान जाने का कितना खतरा होता है?

निपाह वायरस की चपेट में आए लोगों में 40 से 75 प्रतिशत मामलों में जान जा सकती है.

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निपाह वायरस का क्या इलाज है?

निपाह वायरस से संक्रमित होने के बाद शुरुआत में ही टेस्ट करके वायरस को कंफर्म किया जाता है. इलाज (Nipah Virus Treatment) सीमित होता है जिसमें सपोर्टिव केयर दी जाती है, मरीज को आराम करने के लिए कहा जाता है, हाइड्रेटेड रखा जाता है और जैसे-जैसे लक्षण नजर आते हैं उनके आधार पर इलाज होता है.

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निपाह वायरस से कैसे बचें?

  • अपने हाथों को नियमित तौर पर धोते रहें. सिर्फ पानी के बजाय साबुन से हाथ धोएं.
  • बीमार चमगादड़ या सुअर के आस-पास आने से परहेज करें.
  • जहां ये जानवर होते हैं वहां जाने से परहेज करें.
  • संक्रमित जानवरों से संक्रमित पानी को पीने से या किसी और प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने से बचें.
  • जमीन पर पड़े कच्चे फल खाने से परहेज करें.
  • किसी दूसरे व्यक्ति के बॉडी फ्लुइड्स के संपर्क में आने से बचें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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