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फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण कैसे नजर आते हैं? एक्सपर्ट्स ने बताए 10 संकेत जिनपर नजर बनाए रखना है जरूरी

Lung Cancer Symptoms: भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स की टीम ने कैंसर पर तैयार की गई रिपोर्ट में बताया है कि फेफड़ों का कैंसर होने पर शरीर में कैसे लक्षण नजर आने लगते हैं. इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत जांच करवाना जरूरी है.

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फेफड़ों के कैंसर में कहां दर्द होता है? AI Generated Image

Fefdo Ke Cancer Ke Lakshan: फेफड़ों में कैंसर की सेल्स पनपना शुरू होती हैं और लगातार बढ़ती जाती हैं और ट्यूमर बनाती हैं. यह कैंसर की सेल्स फेफड़ों से निकलकर शरीर के अन्य अंगों तक पहुंच सकती हैं. फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है और इसका समय रहते पता ना लगाया जाए तो यह बीमारी लगातार बढ़ती जाती है और जान पर खतरा पैदा करती है. धूम्रपान करने वालों को फेफड़ों का कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है. ऐसे में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स की टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि फेफड़ों के कैंसर के वो कौन से लक्षण हैं जिन्हें आम गलती नहीं समझना चाहिए. यहां जानिए फेफड़ों से जुड़ी किन दिक्कतों पर नजर बनाए रखना जरूरी है.

यह भी पढ़ें – कैसे पता चलेगा दिल की बीमारी ने घेर लिया है? यहां जानिए हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर से पहले कैसे दिखते हैं लक्षण

फेफड़ों के कैंसर के लक्षण | Lung Cancer Symptoms

  • खांसी होती है जो कई हफ्तों तक बनी रहती है और समय बीतने के साथ पहले से और ज्यादा बढ़ने लगती है
  • खांसते समय खांसी के खून नजर आने लगता है
  • सांस फूलने लगती है और मुंह से अजीब से आवाज निकलती है
  • छाती में लगातार दर्द बना रहता है और हड्डियों में दर्द होता है
  • आवाज में बदलाव आने लगता है
  • भूख का एहसास नहीं होता
  • सिर में दर्द बना रहता है
  • ब्लड क्लॉट्स बनने लगते हैं
  • आयदिन फेफड़ों के इंफेक्शंस होने लगते हैं, जैसे ब्रोंकाइटिस या न्यूमोनिया

इनमें से अगर कोई भी लक्षण नजर आता है और 1-2 हफ्तों तक बना रहता है तो डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं. ये लक्षण किसी आम दिक्कत में भी नजर आ सकते हैं, लेकिन इन लक्षणों पर तुरंत एक्शन लेना जरूरी होता है जिससे समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सके.

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फेफड़ों के कैंसर का इलाज कैसे होता है

फेफड़ों की सर्जरी – कैंसर कितना फैला है और कितना बढ़ गया है यह देखते हुए ही कैंसर का इलाज किया जाता है. फेफड़ों का कैंसर अगर फेफड़ों तक ही सीमित है तो फेफड़ों की सर्जरी की जाती है. न्यूमोनेक्टोमी, सेग्मेंटल लंग रिसेक्शन, चेस्ट वॉल रिसेक्शन, डायग्नॉस्टिक थोराकॉस्कोपी और मीडियास्टिनोस्कोपी सर्जरी की जा सकती है.

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कीमोथेरेपी – एंटी कैंसर ड्रग्स के साथ कैंसर के ट्रीटमेंट को कीमोथेरेपी कहते हैं. इसमें कैंसर की सेल्स को नष्ट करने की कोशिश की जाती है और मकसद नॉर्मल सेल्स को ज्यादा से ज्यादा बचाना होता है. कीमोथेरेपी से कैंसर की सेल्स बढ़ती नहीं हैं.

रेडिएशन थेरेपी – हाई एनर्जी बीम्स से कैंसर की सेल्स को मारने और ट्यूमर को कम करने की कोशिश की जाती है.

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टार्गेटेड थेरेपी या इम्यूनोथेरेपी – टार्गेटेड थेरेपी कैंसर की सेल्स में स्पेसिफिक वीकनेस को पकड़कर उसे टार्गेट करती है. यह कैंसर से प्रभावित आस-पास के टिशूज और ब्लड वेसल्स को टार्गेट करके कैंसर को दूर करने की कोशिश करती है.

यह भी पढ़ें – Esophageal Cancer: खान-पान से जुड़ी यह एक गलती बन सकती है भोजन नली के कैंसर की वजह, यहां जानिए कारण और लक्षण

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source - ICMR

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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