Fefdo Ke Cancer Ke Lakshan: फेफड़ों में कैंसर की सेल्स पनपना शुरू होती हैं और लगातार बढ़ती जाती हैं और ट्यूमर बनाती हैं. यह कैंसर की सेल्स फेफड़ों से निकलकर शरीर के अन्य अंगों तक पहुंच सकती हैं. फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है और इसका समय रहते पता ना लगाया जाए तो यह बीमारी लगातार बढ़ती जाती है और जान पर खतरा पैदा करती है. धूम्रपान करने वालों को फेफड़ों का कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है. ऐसे में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स की टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि फेफड़ों के कैंसर के वो कौन से लक्षण हैं जिन्हें आम गलती नहीं समझना चाहिए. यहां जानिए फेफड़ों से जुड़ी किन दिक्कतों पर नजर बनाए रखना जरूरी है.
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फेफड़ों के कैंसर के लक्षण | Lung Cancer Symptoms
- खांसी होती है जो कई हफ्तों तक बनी रहती है और समय बीतने के साथ पहले से और ज्यादा बढ़ने लगती है
- खांसते समय खांसी के खून नजर आने लगता है
- सांस फूलने लगती है और मुंह से अजीब से आवाज निकलती है
- छाती में लगातार दर्द बना रहता है और हड्डियों में दर्द होता है
- आवाज में बदलाव आने लगता है
- भूख का एहसास नहीं होता
- सिर में दर्द बना रहता है
- ब्लड क्लॉट्स बनने लगते हैं
- आयदिन फेफड़ों के इंफेक्शंस होने लगते हैं, जैसे ब्रोंकाइटिस या न्यूमोनिया
इनमें से अगर कोई भी लक्षण नजर आता है और 1-2 हफ्तों तक बना रहता है तो डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं. ये लक्षण किसी आम दिक्कत में भी नजर आ सकते हैं, लेकिन इन लक्षणों पर तुरंत एक्शन लेना जरूरी होता है जिससे समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सके.
फेफड़ों के कैंसर का इलाज कैसे होता है
फेफड़ों की सर्जरी – कैंसर कितना फैला है और कितना बढ़ गया है यह देखते हुए ही कैंसर का इलाज किया जाता है. फेफड़ों का कैंसर अगर फेफड़ों तक ही सीमित है तो फेफड़ों की सर्जरी की जाती है. न्यूमोनेक्टोमी, सेग्मेंटल लंग रिसेक्शन, चेस्ट वॉल रिसेक्शन, डायग्नॉस्टिक थोराकॉस्कोपी और मीडियास्टिनोस्कोपी सर्जरी की जा सकती है.
कीमोथेरेपी – एंटी कैंसर ड्रग्स के साथ कैंसर के ट्रीटमेंट को कीमोथेरेपी कहते हैं. इसमें कैंसर की सेल्स को नष्ट करने की कोशिश की जाती है और मकसद नॉर्मल सेल्स को ज्यादा से ज्यादा बचाना होता है. कीमोथेरेपी से कैंसर की सेल्स बढ़ती नहीं हैं.
रेडिएशन थेरेपी – हाई एनर्जी बीम्स से कैंसर की सेल्स को मारने और ट्यूमर को कम करने की कोशिश की जाती है.
टार्गेटेड थेरेपी या इम्यूनोथेरेपी – टार्गेटेड थेरेपी कैंसर की सेल्स में स्पेसिफिक वीकनेस को पकड़कर उसे टार्गेट करती है. यह कैंसर से प्रभावित आस-पास के टिशूज और ब्लड वेसल्स को टार्गेट करके कैंसर को दूर करने की कोशिश करती है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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Source - ICMR
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