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बड़ी आंत के कैंसर के क्या लक्षण हैं? जानिए Colorectal Cancer में शरीर में क्या बदलाव नजर आते हैं

Badi Aant Ka Cancer: बड़ी आंतों में कैंसर होने पर शरीर पर कैसे लक्षण नजर आते हैं, क्या बदलाव होते हैं और इस कैंसर की चपेट में कौन लोग ज्यादा आते हैं, जानिए यहां.

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कोलन कैंसर की जांच कैसे होती है?

Colorectal Cancer Symptoms: कोलोरेक्टल कैंसर बड़ी आंत का कैंसर (Badi Aant Ka Cancer) है जिसे कोलन कैंसर (Colon Cancer) भी कहते हैं. यह कैंसर आंत या मलाशय के टिशूज में पनपता है. कोलन बड़ी आंत का पहला और सबसे बड़ा हिस्सा है. यह खाने से पानी और पोषक तत्वों को सोखता है और बचे-कुचे पदार्थ को शरीर से मल की तरह निकाल देता है. बड़ी आंत का सबसे निचला हिस्सा रेक्टम है जो मल को स्टोर करता है और शरीर से निकालता है. कोलन से शुरु हुए कैंसर को कोलन कैंसर कहते हैं, मलाशय में हुए कैंसर को रेक्टल कैंसर कहते हैं और इन दोनों में से किसी में भी हुए कैंसर को कोलोरेक्टल कैंसर कहा जाता है.

बड़ी आंत के कैंसर के क्या लक्षण हैं | Colorectal Cancer Symptoms

बड़ी आंत के कैंसर के शुरुआती लक्षण नजर आना मुश्किल होता है. लेकिन, अगर लक्षण दिख रहे हैं तो कुछ इस तरह के होते हैं –

  • दस्त लग सकते हैं.
  • कब्ज हो सकती है जो लंबे समय तक ठीक ना हो.
  • ऐसा महसूस होता है कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हो रहा है.
  • मल की शेप रोजाना की तरह नहीं दिखती बल्कि अलग नजर आती है. मल पतला दिख सकता है.
  • मल में खून नजर आता है या डार्क स्पॉट्स दिखते हैं.
  • रोजमर्रा में कभी भी पेट में गैस बन जाती है, पेट फूल जाता है या दर्द रहने लगता है.
  • शरीर में हर समय थकान महसूस होती है.
  • बिना किसी वजह वजन कम होने लगता है.

बड़ी आंत का कैंसर होने के क्या कारण हैं

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जेनेटिक मटीरियल यानी DNA में बदलाव होने पर बड़ी आंत का कैंसर हो सकता है. लेकिन, बड़ी आंत के कैंसर की सटीक वजह पता नहीं चली है. यह आनुवांशिक भी हो सकता है. हालांकि, लाइफस्टाइल की बुरी आदतें, वातावरण और खानपान से जुड़ी आदतें आंतों के कैंसर की वजह (Colorectal Cancer Causes) बन सकती है.

किन लोगों को हो सकता है बड़ी आंतों का कैंसर

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  • जिन लोगों की उम्र ज्यादा है उन्हें आंतों का कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है.
  • परिवार में किसी को अगर कभी आंतों का कैंसर रहा हो तो व्यक्ति को आंत का कैंसर होने की संभावना रहती है.
  • आंत पर एडेनोमा होना. यह आंत में हो सकते हैं और कैंसर बन सकते हैं.
  • दिन में 3 से ज्यादा बार शराब पीने पर इस कैंसर का खतरा बढ़ता है.
  • धूम्रपान आंतों के कैंसर के रिस्क फैक्टर्स में शामिल है.
  • मोटापा भी इस कैंसर की वजह बन सकता है.

बड़ी आंत के कैंसर का इलाज कैसे होता है

बड़ी आंतों के कैंसर का इलाज (Colorectal Cancer Treatment) उम्र, स्वास्थ्य और कैंसर कितना गंभीर है इसपर निर्भर करता है. आमतौर पर आंतों के कैंसर में सर्जरी की जाती है, रेडियोफ्रीक्वेंसी अब्लेशन प्रोसीजर होता है जिसमें एब्नॉर्मल सेल्स को हटा दिया जाता है. कीमोथेरैपी, रेडिएशन थेरैपी या इम्यूनोथेरैपी आंतों के कैंसर के ट्रीटमेंट में होती हैं. क्रायोसर्जरी और टार्गेटेड थेरैपी से भी आंतों के कैंसर को ट्रीट किया जाता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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