Winter Diseases: कड़ाके की ठंड सिर्फ ठिठुरन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह दिल, फेफड़ों और डायबिटीज जैसी दिक्कतों को और बढ़ा सकती है. इसके अलावा किडनी रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ठंड गंभीर खतरा भी बन सकती है. दिल्ली एम्स के जाने-माने प्रोफेसर डॉ संजीव सिन्हा के मुताबिक AIIMS नई दिल्ली के हृदय, श्वसन, मेडिसिन और बाल रोग विभाग के विशेषज्ञों ने कोल्ड वेव (Cold Wave) के दौरान खुद को सुरक्षित रखने के लिए अहम दिशानिर्देश जारी किए हैं. ऐसे में यहां जानिए किस कड़ाके की ठंड आपके लिए कौन सी दिक्कतों को बढ़ा सकती है और किन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की वजह बन सकती है.
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दिल और ब्लड प्रेशर के मरीज रहें सतर्क
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है.
खतरे के संकेत
- अचानक BP का बढ़ जाना
- सांस फूलना या पैरों में सूजन
- सीने में दर्द या बेचैनी
कौन सी सावधानियां बरतना जरूरी है
- रोजाना BP की जांच करें
- नमक और पैकेट वाले नमकीन से दूरी रखें
- दवाएं नियमित लें, खुद से बंद न करें
- पर्याप्त पानी पीते रहें
- दोपहर में भोजन से पहले हल्की सैर फायदेमंद है
फेफड़ों और सांस के रोगियों के लिए खास सलाह
ठंडी हवा में सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं जिससे अस्थमा और COPD के मरीजों को ज्यादा दिक्कत हो सकती है.
जोखिम
- खांसी और बलगम
- सांस लेने में परेशानी
- संक्रमण और निमोनिया का खतरा
बचाव के उपाय
- बाहर निकलते समय नाक और मुंह ढकें
- ठंडी हवा से बचें
- कई परतों वाले गर्म कपड़े पहनें
- चाय, सूप और गर्म तरल पदार्थ लें
- खांसी या साइनस की शिकायत बढ़े तो डॉक्टर से मिलें
डायबिटीज और किडनी मरीज ठंड में भी सक्रिय रहें
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी के कारण दिनचर्या बिगड़नी नहीं चाहिए. ऐसे में करें ये काम –
- रोज हल्की एक्सरसाइज, योग या वॉक
- तला-भुना और ज्यादा नमक वाला खाना कम करें
- ब्लड शुगर और किडनी टेस्ट समय-समय पर कराएं
- जरूरत पड़ने पर न्यूमोकोकल वैक्सीन (PPS) पर डॉक्टर से सलाह लें
बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी
डॉक्टरों के मुताबिक छोटे और कमजोर बच्चों पर ठंड का असर ज्यादा होता है. ऐसे में ध्यान रखें कि आप सिर और कान अच्छी तरह ढकें और ठंडी हवा से सीधे संपर्क से बचाएं.
खतरे के संकेत
- सांस लेने में तकलीफ
- बच्चा असामान्य रूप से सुस्त हो जाए
- ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
बुजुर्ग और अस्थमा के मरीजों के लिए चेतावनी
- पहले से सांस या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को ठंड और प्रदूषण दोनों से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
- दवाएं नियमित लेते रहें
- फॉलो-अप जांच न टालें
- बाहर निकलते समय पूरी सुरक्षा रखें.
शीत लहर के दौरान संतुलित आहार, पर्याप्त गर्म कपड़े, नियमित दवाइयां और समय पर चिकित्सकीय सलाह ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है. ठंड को कभी हल्के में न लें, खासकर तब जब आप या आपके परिवार में कोई पुरानी बीमारी से ग्रसित हो.
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