Cancer Signs: शरीर में एब्नॉर्मल सेल्स के बनने और बढ़ने को कैंसर कहा जाता है. ये सेल्स शरीर की हेल्दी सेल्स को खत्म करने लगती हैं और तेजी से फैलती हैं. शरीर के जिस हिस्से में कैंसर की सेल्स पनपती हैं उससे ही पता चलता है कि कौन सा कैंसर है, जैसे मुंह से कैंसर की सेल्स शुरू होती हैं तो इसे मुंह का कैंसर कहते हैं और अगर पेट में कैंसर की सेल्स पनपती हैं तो यह पेट का कैंसर कहलाता है. शरीर अगर कैंसर की चपेट में आ जाता है तो कुछ वॉर्निंग साइन (Cancer Warnings Signs) और लक्षण देने लगता है. ऐसे में इन लक्षणों को पहचानकर शुरुआती स्टेज में ही कैंसर का पता लगाकर इसका इलाज किया जा सकता है. यहां जानिए कैंसर के 7 वॉर्निंग साइन कौन-कौनसे हैं.
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कैंसर के शुरुआती लक्षण | Early Signs Of Cancer
कैंसर के लक्षण शरीर पर एक नहीं बल्कि कई तरह से नजर आ सकते हैं.
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वजन कम होना - कैंसर के सेल्स शरीर को सही तरह से काम नहीं करने देते और व्यक्ति के मेटाबॉलिज्म को खराब कर देते हैं. ऐसे में शरीर को पोषक तत्व नहीं मिल पाते और बिना कोशिश के ही वजन कम (Weight Loss) होने लगता है.
त्वचा पर निशान - कैंसर होने पर व्यक्ति की त्वचा में कई तरह के बदलाव नजर आने लगते हैं. कैंसर हो जाने पर मस्सा दिख सकता है, त्वचा की रंगत बदल जाती है, कई बार रैशेज हो जाते हैं जो जाने का नाम नहीं लेते.
गांठ या सूजन - शरीर के किसी हिस्से पर अचानक से गांठ बन सकती है या सूजन आ सकती है. यह दिक्कत जाने का नाम नहीं लेती.
थकान होना - शरीर हर समय थका हुआ महसूस करता है. आपका खानपान चाहे कितना ही अच्छा हो या आप चाहे कितने ही घंटो की नींद ले लें, लेकिन शरीर में हर समय थकान महसूस होती है.
आवाज में बदलाव - आवाज में बदलाव सुनाई देने लगता है, खांसी हो सकती है, मुंह से हवा जैसी आवाज निकलती है, कई बार बोलते हुए खून भी आने लगता है.
मुंह के लक्षण - ऐसे कई कैंसर हैं जिनके लक्षण (Cancer Symptoms) मुंह में दिखने लगता है, जैसे फेफड़ों या मुंह के कैंसर में मुंह के अंदर छाला निकल जाता है या जीभ पर सफेद दाग नजर आने लगता है.
पेशाब में बदलाव - शरीर से निकलने वाले पेशाब या मल से भी कैंसर के लक्षण पहचाने जा सकते हैं. पेशाब का रंग बदल जाता है, मलत्याग करने की आदतों में बदलाव आ जाता है या पाचन तंत्र पहले की तरह काम नहीं करता.
सबसे कॉमन कैंसर कौन-कौन से हैं
- स्तन कैंसर
- फेफड़ों का कैंसर
- प्रोस्टेट कैंसर
- आंतों का कैंसर
- ब्लड कैंसर
कैंसर क्यों होता है
कैंसर एक जेनेटिक डिसोर्डर है लेकिन जरूरी नहीं है यह आनुवांशिक ही हो. शरीर में जो जीन्स सेल एक्टिविटी को मैनेज करते हैं बदलने लगते हैं या कहें म्यूटेट होने लगते हैं. इससे एब्नॉर्मल सेल्स बनने लगती हैं जो घटने-बढ़ने लगती हैं और शरीर के काम को प्रभावित करती हैं. यही सेल्स कैंसर क्लस्टर्स या ट्यूमर में बदल जाती हैं. कैंसर की ये सेल्स ट्यूमर से अलग होकर शरीर के अलग-अलग हिस्सों में फैलने लगती हैं. जैसे, स्तन का कैंसर फेफड़ों तक भी फैल सकता है या पेट का कैंसर आंतों तक जा सकता है.
किन लोगों को कैंसर का खतरा ज्यादा होता है
- जिन लोगों के परिवार में किसी को कैंसर रहा हो
- धूम्रपान करने वाले लोगों को कैंसर का खतरा ज्यादा होता है
- टॉक्सिक वातावरण में रहने वाले लोग
- हार्मोन थेरैपी से गुजर रहे लोग
- शरीर में पोषक तत्वों की कमी
- अल्ट्रावायलट रेडिएशन के संपर्क में आने से कैंसर हो सकता है.
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अस्वीकरण - इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.