मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं? यहां जानिए स्टेज 1 माउथ कैंसर क्या है

Mouth Cancer Symptoms Hindi: मुंह के कैंसर को ओरल कैंसर भी कहते हैं. भारत में यह सबसे ज्यादा होने वाले कैंसर की लिस्ट में तीसरे नंबर पर आता है. ऐसे में यहां जानिए मुंह का कैंसर कैसा नजर आता है और इसे समय रहते किस तरह पहचान सकते हैं.

Mouth Cancer

Muh Ke Cancer Ke Lakshan: स्टेज 1 मुंह का कैंसर क्या है?

Mouth Cancer Symptoms: मुंह का कैंसर सुनते ही समझ आ जाता है कि यह मुंह में होने वाला कैंसर है और मुंह को प्रभावित करता है. इसे ओरल कैंसर (Oral Cancer) या ओरल कैविटी कैंसर भी कहा जाता है. मुंह में कैंसर सेल्स पनपने पर माउथ कैंसर हो जाता है. यह कैंसर मुंह के किसी भी हिस्से में हो सकता है, जैसे – होंठों पर, मसूड़ों पर, जीभ पर, गालों की अंदरूनी परत पर, मुंह की जड़ में या माउथ फ्लोर पर. मुंह के कैंसर को गर्दन और सिर के कैंसर की गिनती में रखा जाता है क्योंकि इन तीनों ही तरह के कैंसर का ट्रीटमेंट एक तरह का होता है. वैश्विक तौर पर हर तरह के कैंसर में ओरल कैंसर 5% देखा गया है जबकि भारत में कैंसर से पीड़ित लोगों में 40% ओरल कैंसर के मामले हैं. भारत में हर साल ओरल कैंसर के तकरीबन 60,000 मामले दर्ज किए जाते हैं. हर घंटे 5 लोग ओरल कैंसर के कारण अपनी जान गंवा देते हैं. वहीं, भारत में मुंह का कैंसर (Muh Ka Cancer) सबसे ज्यादा होने वाले कैंसर की लिस्ट में तीसरे नंबर पर आता है. ऐसे में इस घातक कैंसर की समय रहते पहचान करना और इलाज शुरू करना जरूरी होता है. यहां जानिए मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण कैसे नजर आते हैं, यह कैंसर होने का क्या कारण है और किस तरह इससे बचा जा सकता है.

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मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण | Early Signs Of Mouth Cancer | Oral Cancer Symptoms

मुंह का कैंसर होने पर कई लक्षण नजर आते हैं लेकिन इन संकेतों को अक्सर ही आम समस्या मानकर इग्नोर कर दिया जाता है. ये लक्षण कुछ इस तरह के दिखते हैं –

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सफेद धब्बे – मुंह की अंदरूनी सतह पर मोटे और सफेद धब्बे (White Spots) नजर आने लगते हैं. इसे ल्यूकोप्लाकिया कहते हैं. ये धब्बे गले के अंदर भी नजर आने लगते हैं.

एरिथ्रोप्लाकिया – यह मुंह के अंदर होने वाला लाल चपटा या उभरा हुआ घाव होता है. यह पैचेस अगर घिस जाएं तो इनसे खून निकलने लगता है.

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एरिथ्रोल्यूकोप्लाकिया – यह मुंह की अंदरूनी सतह पर लाल और सफेद रंग के धब्बे हैं. इसमें ल्यूकोप्लाकिया और एरिथ्रोप्लाकिया के लक्षण एकसाथ नजर आते हैं.
होंठ या मुंह में छाला – अगर होंठों पर या मुंह के अदंर छाला निकला हो और वह 2 हफ्तों तक ना भरे तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है.

खुरदुरे सख्त निशान – होंठों पर, मसूड़ों पर या फिर मुंह के अंदर खुरदुरे सख्त निशान नजर आना.

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मुंह के किसी हिस्से से खून बहना – अगर बिना किसी चोट मुंह के किसी हिस्से से अक्सर ही खून बहने लगे.
मुंह का सुन्न महसूस होना – मुंह या गर्दन का बिना वजह सुन्न महसूस होना और त्वचा का जरूरत से ज्यादा कोमल हो जाना.
चबाने या निगलने में दिक्कत – कुछ भी चबाते या निगलते हुए तकलीफ होना. जबड़ा या जीभ हिलाते हुए दिक्कत महसूस करना या फिर बोलने में दिक्कत होना.
मुंह से बदबू आना – अगर ब्रश करने के बाद भी या फिर मुंह की अच्छे से सफाई करने पर भी मुंह से बदबू आती है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है.

वजन कम होना – बिना वजह लगातार वजन कम होने लगना.

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कानों में दर्द – कई दिनों तक कानों में दर्द रहना भी कैंसर का लक्षण हो सकता है.

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मुंह के कैंसर की स्टेज (Stages Of Mouth Cancer)

T1: मुंह में मौजूद कैंसर का ट्यूमर 2 सेंटीमीटर या उससे कम होना पहली स्टेज (Mouth Cancer Stage 1) है.
T2: ट्यूमर का 2 सेंटीमीटर या उससे थोड़ा बड़ा या 4 सेंटीमीटर तक होना मुंह के कैंसर की दूसरी स्टेज है.
T3: ट्यूमर का 4 सेंटीमीटर से ज्यादा बड़ा होना मुंह के कैंसर की तीसरी स्टेज है.

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मुंह का कैंसर होने के कारण (Causes Of Mouth Cancer)

ऐसी कुछ एक्टिविटी या कहें काम हैं जिनकी वजह से व्यक्ति को मुंह का कैंसर हो सकता है. हालांकि, इन रिस्क फैक्टर्स से दूर रहने वाले लोगों में भी ओरल कैंसर देखा जाता है.

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  • सिगरेट, सिगार या पाइप पीना
  • तंबाकू चबाना या हुक्का पीना
  • जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन
  • होंठों को सनब्लॉक से प्रोटेक्ट किए बिना बहुत ज्यादा समय तक धूप में रहना
  • ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) होना
  • अगर परिवार में किसी को कभी ओरल कैंसर हुआ हो.

मुंह के कैंसर से कैसे बचें

  • तंबाकू के सेवन से बचे रहना जरूरी है
  • शराब का सेवन कम करें
  • HPV वैक्सीन लगवाना
  • मुंह को यानी होंठों को धूप की हानिकारक किरणों से बचाना
  • हेल्दी डाइट खाना
  • रेग्यूल डेंटल चेकअप कराना जिससे ओरल कैंसर को वक्त रहते डिटेक्ट किया जा सके.

यह भी पढ़ें – पेट के कैंसर की पहली स्टेज में शरीर देने लगता है ये 5 संकेत, समय रहते पहचानें इस तरह

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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