विटामिन डी को शरीर में सोखने से रोकते हैं ये 5 फूड्स, धूप लेकर भी पूरी नहीं होती कमी

Vitamin D Ki Kami: खानपान की कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें खाने पर शरीर विटामिन डी को ठीक तरह से नहीं सोख पाता है. इससे शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है. यहां जानिए कौन से हैं ये फूड्स.

Vitamin D Deficiency

कौन से फूड्स विटामिन डी को ब्लॉक करते हैं. Image Credit - Freepik

Vitamin D Deficiency: भरपूर मात्रा में धूप लेने, विटामिन डी वाले फूड्स खाने और विटामिन डी सप्लीमेंट्स लेने के बाद भी शरीर में विटामिन डी की कमी है तो यह आपके खराब खानपान के चलते हो सकता है. ऐसे कई फूड्स हैं जो विटामिन डी को ब्लॉक करते हैं यानी शरीर को विटामिन डी सोखने से रोकते हैं. सुबह पी जाने वाली कॉफी से लेकर आपके हेल्दी कहे जाने वाले स्नैक्स तक शरीर में विटामिन डी की कमी का कारण (Vitamin D Deficiency Causes) बन सकते हैं. ऐसे में यहां जानिए कौन से हैं ये फूड्स जो विटामिन डी को सोखने से रोकते हैं.

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विटामिन डी सोखने से रोकते हैं ये फूड्स

प्रोसेस्ड फूड्स – पैकेटबंद प्रोसेस्ड फूड्स विटामिन डी की कमी का कारण बनते हैं. इन फूड्स में हाई फॉस्फेट लेवल्स होते हैं जो कैल्शियम इंबलेंस करते हैं. कैल्शियम की कमी से विटामिन डी की कमी होने लगती है. शरीर विटामिन डी को बेहतर तरह से सोख पाए इसके लिए प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करने की कोशिश करें.

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कैफीन – कॉफी (Coffee) या चाय का जरूरत से ज्यादा सेवन किया जाए तो शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है. कैफीन कैल्शियम के एब्जॉर्प्शन को रोकती है और इससे विटामिन डी के एब्जॉर्प्शन पर फर्क पड़ता है. इसीलिए कैफिनेटेड ड्रिंक्स का सेवन कम करना चाहिए.

एल्कोहल – जरूरत से ज्यादा एल्कोहल का सेवन करने पर लिवर विटामिन डी को एक्टिवेट नहीं कर पाता. इससे गट इंफ्लेमेशन बढ़ती है और न्यूट्रिएंट्स यानी पोषक तत्वों का एब्जॉर्प्शन कम होता है. अगर आप रेग्यूलरली शराब पीते हैं और शरीर में विटामिन डी की कमी है तो इसकी वजह एल्कोहल हो सकता है.

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हाई ऑक्सलेट फूड्स – पालक (Spinach) जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में ऑक्सलेट की मात्रा ज्यादा होती है. इनसे शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है. कैल्शियम और विटामिन डी साथ काम करते हैं इसीलिए विटामिन डी की कमी से भी दोचार होना पड़ सकता है.

फ्री फैट और लो फैट फूड्स – विटामिन डी फैट सोल्यूबल फाइबर है यानी विटामिन डी को एब्जॉर्ब होने के लिए फैट की जरूरत होती है. ऐसे में फैट फ्री या लो फैट चीजें ही हमेशा खाई जाएं तो शरीर विटामिन डी को ठीक तरह से सोख नहीं पाता. इसीलिए खानपान में एवोकाडो, सूखे मेवे, ऑलिव ऑयल और फुल फैट योगर्ट शामिल करें.

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विटामिन डी की कमी कैसे पता चलती है

  • हर समय थकान महसूस होती है.
  • शरीर में ऊर्जा की कमी रहती है.
  • हड्डियों में दर्द रहने लगता है.
  • मसल्स में दर्द होता है और कमजोरी महसूस होती है.
  • मूड बदलता रहता है. डिप्रेस्ड फील होता है.
  • हाथ-पैरों में झनझनाहट हो सकती है.
  • त्वचा पर पीलापन नजर आता है.
  • मुंह में छाले निकलने लगते हैं.
  • बालों का झड़ना (Hair Fall) शुरू हो सकता है.
  • याद्दाश्त कमजोर होने लगती है, व्यक्ति चीजें और बातें भूलने लगता है.

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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