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Varun Dhawan की बेटी को क्या हुआ है? जानिए किस वजह से नन्ही लारा को होती है चलने में दिक्कत

Varun Dhawan Daughter News: एक्टर वरुण धवन ने हाल ही में एक पोडकास्ट के दौरान इस बात का जिक्र किया कि उनकी बेटी एक बड़ी दिक्कत से जूझ रही थी जिसके कारण अब भी उसे चलने में दिक्कत होती है.

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वरुण धनव की बेटी को क्या हुआ है, जानिए यहां.

Varun Dhawan Daughter News: एक्टर वरुण धवन और पत्नी नताशा दलाल साल 2024 में बेटी लारा (Lara Dhawan) के माता-पिता बने थे. हाल ही में एक पोडकास्ट के दौरान वरुण ने बेटी की तबीयत के बारे में बताया. वरुण ने बताया कि डेढ़ साल की उम्र में लारा को डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप (DDH) हुआ था. यह एक ऐसी कंडीशन है जिसमें हिप्स अपने सॉकेट से निकल जाते हैं. इसी वजह से नन्ही लारा को चलने में दिक्कत होती थी और वह ठीक तरह से नहीं चल पाती थी. यहां जानिए, क्या है डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप (Developmental Dysplasia of the Hip) और इसके शुरुआती लक्षण कैसे नजर आते हैं.

क्या है डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप | What Is Dysplasia Of The Hip

वरुण धवन ने बताया कि डेढ़ साल की उम्र में उनकी बेटी लारा को DDH हुआ था. इस कंडीशन में हिप अपने सॉकेट से निकल जाती है जिससे आप ठीक तरह से चल या दौड़ नहीं पाते हैं. इससे आर्थराइटिस हो सकता है और स्लिप डिस्क का खतरा बढ़ता है. डीडीएच के इलाज के लिए लारा को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी और एक प्रोसीजर से ही उसकी हिप को सॉकेट में वापस ला दिया गया. लेकिन, उसे ढाई महीनों तक स्पाइका कास्ट में रहना पड़ा था. ऐसे में वरुन धवन की सभी पैरेंट्स को यही सलाह है कि पैरेंट्स को छोटी उम्र से ही बच्चे की मूवमेंट को देखते रहना चाहिए जिससे समय रहते DDH जैसी कंडीशंस का पता लगाया जा सके.

बच्चों में DDH होने के क्या लक्षण होते हैं

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  • बच्चे को डीडीएच होने पर अपनी सॉकेट से निकली हिप बाहर की तरह नजर आती है.
  • बच्चे के दोनों पैरों की लंबाई एकदूसरे से अलग हो सकती है.
  • जांघों पर स्किन फॉल्ड्स नजर आने लगते हैं.
  • पैरों की मोबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाती है.
  • बच्चा लंगड़ाता हुआ नजर आता है.
  • बच्चे को चलने में दिक्कत होती है और वह आम बच्चों की तरह एक्टिवीज नहीं कर पाता है.

DDH का पता कैसे लगता है

बच्चे की स्क्रीनिंग करने पर हिप जॉइंट्स को देखकर डीडीएच का पता लगाया जा सकता है. जन्म के बाद अगर लग रहा है कि बच्चे की कमर स्टेबल नहीं है तो 4 से 6 महीनों में अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाया जा सकता है. इसके अलावा, परिवार में अगर हिप की दिक्कतें रही हों, बच्चा उलटा पैदा हुआ हो या फिर बच्चा जुड़वा हो तो डीडीएच की जांच करवाई जा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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