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पैरों पर नीली-बैंगनी धारियां क्यों आती हैं नजर? जानिए यह किस समस्या का है लक्षण

Varicose Veins Symptoms: ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें पैरों पर नीली, हरी या बैंगनी सी लकीरें दिखने लगती हैं. ये फूली हुई नसें होती हैं जो पैरों से बाहर उभरी हुई सी दिखाई पड़ती हैं. ऐसा क्यों होता है और ये किस बीमारी के लक्षण हैं, जानिए यहां.

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पैरों पर क्यों दिखती हैं नीली-बैंगनी धारियां, जानिए यहां.

Varicose Veins: क्या आपने कभी नोटिस किया है कि बहुत से लोगों के पैरों पर नीली, हरी या बैंगनी लकीरें नजर आने लगती हैं? ये फूली हुई नसें हैं जो पैरों से बाहर निकलती हुई सी नजर आती हैं. इन्हें वेरिकोज वेन्स कहते हैं. वेरिकोज वेन्स में पैरों की नसें असमान्य रूप से फूल जाती हैं और ऐसे लगता है कि पैरों से बाहर निकल जाएंगी. इनमें दर्द भी होता है और व्यक्ति को चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है. ऐसे में यहां जानिए यह दिक्कत क्यों होती है और वेरिकोज वेन्स होने के क्या-क्या लक्षण (Varicose Veins Symptoms) होते हैं, जानिए यहां.

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वेरिकोज वेन्स के क्या लक्षण हैं

  • वेरिकोज वेन्स होने का सबसे बड़ा साइन है कि नसें पैरों के बाहर निकलती हुई सी प्रतीत होती हैं.
  • ये नसें नीली, बैंगनी या गहरे हरे रंग की नजर आती हैं.
  • इन नसों में दर्द होने लगता है.
  • इन नसों के आस-पास की त्वचा हल्की नजर आती है.
  • नसों में खुजलाहट महसूस होती है.
  • नसें सूज जाती हैं और इनमें दर्द भी होता है.

क्यों होती है वेरिकोज वेन्स की दिक्कत

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वेरिकोज वेन्स की दिक्कत होने का एक बड़ा कारण है ब्लड प्रेशर. ब्लड प्रेशर बढ़ने से नसें डैमेज होने लगती हैं. इससे नसें मुड़ने लगती हैं और बड़ी होना शुरू हो जाती हैं. इसके अलावा, बहुत ज्यादा देर तक बैठने या खड़े रहने से भी वेरिकोज वेन्स की दिक्कत हो सकती है.

वेरिकोज वेन्स किन लोगों को हो सकती हैं

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  • जिन लोगों की उम्र ज्यादा होती है उन्हें वेरिकोज वेन्स हो सकती हैं.
  • परिवार में अगर किसी को वेरिकोज वेन्स की दिक्कत हुई हो तो और किसी को भी वेरिकोज वेन्स हो सकती हैं.
  • बहुत ज्यादा वजन होना वेरिकोज वेन्स के रिस्क फैक्टर्स में शामिल है.
  • गर्भावस्था में वेरिकोज वेन्स की दिक्कत हो सकती है.
  • बहुत ज्यादा लंबे समय तक खड़े रहने वाले या बैठे रहने वाले लोगों को वेरिकोज वेन्स की दिक्कत हो जाती है.
  • धूम्रपान करने पर वेरिकोज वेन्स का खतरा बढ़ सकता है.

वेरिकोज वेन्स का क्या इलाज है

वेरिकोज वेन्स के इलाज में लाइफस्टाइल में बदलाव पर जोर दिया जाता है. इसके अलावा, डॉक्टर लिगेशन, स्ट्रिपिंग, स्क्लेरोथेरैपी और फ्लेबेक्टॉमी जैसै ट्रीटमेंट्स कर सकते हैं.

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वेरिकोज वेन्स से बचने के लिए क्या करना चाहिए

  • बहुत ज्यादा देर तक खड़े रहने या बैठे रहने से परहेज करना चाहिए.
  • कम नमक वाली चीजें खानी चाहिए.
  • बैठे हुए अपने पैरों को सामने की तरफ फैलाएं और आगे की तरफ खीचें.
  • हेल्दी वेट मैनेज करने की कोशिश करें.
  • अपने पैरों को मोड़कर या आलती-पालती में बैठने के बजाय सामने की तरफ फैलाकर बैठें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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