खबर की मुख्य बातें:
- यूरिक एसिड का बढ़ना गाउट गठिया का एक पुराना रूप है, जिसमें यूरिक एसिड जोड़ों में सुई जैसे क्रिस्टल के रूप में जमा हो सकता है.
- प्यूरिन के टूटने से यूरिक एसिड बनता है, जो आमतौर पर किडनी द्वारा पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है.
- शरीर में यूरिक एसिड जमा होने से सूजन, लालपन और दर्द हो सकता है, जिसे गाउट अटैक भी कहते हैं.
- यूरिक एसिड के लक्षणों में पीठ, बगल या कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब आना और पेशाब करते समय दर्द या जलन शामिल हैं.
यूरिक एसिड की समस्या बड़ी संख्या में लोगों को परेशान कर ही है, जिससे राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह की दवाइयों का सेवन करते हैं. कई लोगों पता ही नहीं होता है कि आखिर ये समस्या होती है क्या है और कैसे शरीर को प्रभावित करती है. इतना ही नहीं, यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर पर दिखने वाले लक्षणों और समस्याओं को लोग आम या किसी और दिक्कत से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका असर ये होता है कि व्यक्ति असल समस्या का इलाज नहीं ले पाता है और यूरिक एसिड के कारण जो दिक्कतें होती हैं, उससे लंबे समय तक परेशान रहता है. आइए जानते हैं क्या है यूरिक एसिड की समस्या और किन चीजों से दूरी इसके खतरे को कम कर सकती है?
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क्या है यूरिक एसिड की समस्या?
गाउट गठिया का एक पुराना रूप है, जो शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने के कारण हो सकता है. Harvard Health Publishing के अनुसार, शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा हो जाता है, तो यह टिशू, खासकर जोड़ों में जमा हो सकता है. कभी-कभी यूरिक एसिड जोड़ों में सुई जैसी नुकीली क्रिस्टल के रूप में बनने लगता है और इन क्रिस्टल के कारण शरीर में सूजन पैदा होने लग सकती है, जिससे लालपन और दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है. इस स्थिति को गाउट अटैक भी कहते हैं. जानकारी के अनुसार, इस समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज करना व्यक्ति को बहुत तकलीफ में डाल सकता है, जैसे दर्द, चुभन आदि समस्या और साथ ही, कई तरह सी स्वास्थ्य समस्याएं भी परेशान कर सकती है.
किन कारणों से पैदा होती है यूरिक एसिड की समस्या?
प्यूरिन एक प्राकृतिक पदार्थ हैं, जो शरीर की हर कोशिका और कई खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं. ये डीएनए बनाने और शरीर में ऊर्जा पैदा के लिए जरूरी होते हैं. जब शरीर प्यूरिन को तोड़ता है, तो यूरिक एसिड बनता है. आमतौर पर यह खून में घुलकर किडनी के जरिए पेशाब से बाहर निकल जाता है. लेकिन ज्यादा मात्रा में यूरिक एसिड बनने या किडनी द्वारा इसे ठीक से बाहर न निकाल पाने पर, यह शरीर में जमा होने लगता है. इतना ही नहीं, लंबे समय तक इसका स्तर बढ़ा रहने से जोड़ों में नुकीले क्रिस्टल बन सकते हैं, जिससे गाउट यानी दर्दनाक गठिया हो सकता है. लक्षणों में शराब का सेवन, खराब खानपान भी शामिल है.
कैसे दिखते हैं यूरिक एसिड के लक्षण?
यूरिक एसिड की स्थिति में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जो आपको लंबे समय तक परेशान करें. कई लक्षण आपको लग सकते हैं कि यह आम है, लेकिन लेंबे समय तक या बार-बार परेशान करें, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है.
- पीठ, बगल या कमर के निचले हिस्से में तेज दर्द
- पेशाब में खून आना
- बार-बार पेशाब आना या अचानक पेशाब जाने की तेज इच्छा होना
- पेशाब करते समय दर्द या जलन होना
- जी मिचलाना या उल्टी आना
यूरिक एसिड की समस्या से राहत के लिए क्या करें?
- National Kidney Foundation के अनुसार, पर्याप्त पानी पिएं: रोज इतना पानी और लिक्विड लें कि कम से कम 2.5 लीटर पेशाब बने. आमतौर पर इसके लिए प्रतिदिन लगभग 2.5-3 लीटर पानी पीने की जरूरत हो सकती है. आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर इसकी मात्रा बदल सकते हैं.
- पेशाब की एसिडिटी कम करें: यूरिक एसिड की पथरी एसिडिक पेशाब में बनने की संभावना ज्यादा होती है. इसे रोकने के लिए पेशाब का pH बढ़ाना जरूरी है. डॉक्टर पोटैशियम साइट्रेट या सोडियम बाइकार्बोनेट जैसी दवाएं दे सकते हैं.
- प्रोटीन का सेवन सीमित करें: अगर आप रेड मीट, प्रोसेस्ड मीट, चिकन, पोर्क, मछली आदि का ज्यादा सेवन करते हैं, तो इनसे बचना जरूरी है. अपनी जरूरत के अनुसार प्रोटीन की मात्रा जानने के लिए डाइटीशियन से सलाह लें, क्योंकि इससे भी यूरिक एसिड की समस्या पैदा हो सकती है.
- फल और सब्जियां खाएं: प्रतिदिन फल और सब्जियां खाने की कोशिश करें. इससे पेशाब की एसिडिटी कम करने में मदद मिल सकती है.
- चीनी कम करें: ज्यादा चीनी वाले खानपान की चीजें और ड्रिंक का सेवन सीमित करें.
- कम फैट वाले चीजों का सेवन करें
- खासकर बीयर का सेवन कम करें, क्योंकि यह यूरिक एसिड से जुड़ी पथरी के जोखिम को बढ़ा सकती है.
- इसके अलावा भी कई कारण हो सकते हैं, जो यूरिक एसिड की समस्या को बढ़ा दें, इसलिए अगर आपको किसी तरह के लक्षण दिखाई दें, तो खुद की समझदारी से दवा न लें, बल्कि डॉक्टर से पहले जांच कराएं और उनके मुताबिक दिए गए दवाओं का सेवन करें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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SOURCE: National Kidney Foundation, Harvard Health Publishing
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