हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

जीभ के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? यहां जानिए कैसे होती है Tongue Cancer की पहचान

Tongue Cancer Symptoms: जीभ या गले से शुरू होता है जीभ का कैंसर. जीभ में होने वाला कैंसर किस तरह पहचाना जा सकता है और यह कैंसर किन लोगों को ज्यादा होता है, जानिए यहां.

विज्ञापन
जीभ का कैंसर सबसे पहले कहां फैलता है?

Jeebh Ke Cancer Ke Lakshan: जीभ का कैंसर यानी वो कैंसर जो जीभ पर होता है. इस कैंसर में कैंसर की ग्रोथ सेल्स जीभ से शुरू होती हैं और पूरे मुंह में फेलने लगती हैं. इसके अलावा, गले से होते हुए भी जीभ का कैंसर (Tongue Cancer) शुरू हो सकता है. जो कैंसर जीभ से शुरू होता है वो गले से शुरु होने वाले कैंसर से अलग होता है. मुंह से शुरू होने वाले जीभ के कैंसर को ओरल टंग कैंसर कहा जाता है और गले से शुरू होने वाले कैंसर को ओरोफैरिंजियल टंग कैंसर कहते हैं. इसके अलावा, कई अलग-अलग तरह के कैंसर भी जीभ को प्रभावित कर सकते हैं. यहां जानिए जीभ के कैंसर को कैसे पहचाना जा सकता है और इस कैंसर में कैसे लक्षण नजर आते हैं.

जीभ के कैंसर के लक्षण | Tongue Cancer Symptoms

जीभ के कैंसर के लक्षण शुरुआती तौर पर पहचानना मुश्किल हो सकता है क्योंकि ये आम दिक्कतों की तरह ही नजर आते हैं. इस कैंसर में इस तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं –

  • जीभ पर सफेद रंग के निशान पड़ना
  • मुंह के अंदर सफेद निशान नजर आना
  • गले में दर्द रहना जो दवाई खाने पर भी कम ना हो
  • ऐसा महसूस करना जैसे आपके गले में हर समय कुछ अटका हुआ है
  • जीभ का सुन्न पड़ जाना
  • मुंह का सुन्न पड़ जाता है
  • कुछ चबाने, निगलने या फिर मुंह या जीभ को हिलाने में तकलीफ होना
  • आवाज बदल जाना
  • जबड़े का फूल जाना
  • यह भी हो सकता है कि खांसते हुए खून निकले या कान में दर्द होने लगे.

यह भी पढ़ें – युवाओं में बढ़ रहा है आंतों के कैंसर का खतरा, यहां जानिए कोलन कैंसर का पहला संकेत क्या है

विज्ञापन

किन लोगों को जीभ के कैंसर का खतरा रहता है

  • तंबाकू का सेवन करने वाले लोग, बीड़ी-सिगरेट पीने वाले लोग या सिगार पीने वाले लोगों में जीभ के कैंसर का खतरा रहता है.
  • एल्कोहल (Alcohol) का सेवन या जरूरत से ज्यादा मादक पदार्थों के सेवन से मुंह का कैंसर हो सकता है.
  • एचपीवी के संपर्क में आने से भी जीभ का कैंसर हो सकता है. यह गले से शुरू होता है.
  • पुरुषों को जीभ के कैंसर का खतरा (Tongue Cancer Risk) महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होता है क्योंकि वे तंबाकू का सेवन ज्यादा करते हैं.
  • बड़ती उम्र में खासतौर से 45 वर्ष की उम्र से ज्यादा होने पर मुंह का कैंसर हो सकता है.
  • जो लोग मुंह की सफाई नहीं रखते उन्हें जीभ का कैंसर हो सकता है.
  • कमजोर इम्यूनिटी होने पर भी जीभ का कैंसर होने का खतरा रहता है.

क्या जीभ के कैंसर में जीभ को निकाल देते हैं

विज्ञापन

जीभ के कैंसर में कैंसर वाले हिस्से को निकाल दिया जाता है. इसमें जीभ का कुछ हिस्सा काटा जाता है. इस प्रोसीजर को ग्लोसेक्टोमी कहते हैं. अगर जीभ का कम हिस्सा निकालते हैं तो सर्जन जीभ की रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी भी कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें – क्या काजू फैटी लिवर के लिए अच्छा है? लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन ने बताया क्या Fatty Liver में ड्राई फ्रूट खाना चाहिए

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola