शांत जगह में बैठते ही अक्सर लोगों के कान में घंटी या सीटी बजने की आवाज आने लगती है. आमतौर पर ये समस्या कुछ सेकंड तक बनी रहती है, लेकिन जब समस्या लंबे समय तक हो या फिर बार-बार परेशान करें, तो स्थिति गंभीर हो सकती है. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘टिनिटस’ कहते हैं, जो सुनने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है. अगर आप इसे नॉर्मल सझमते हैं, तो आइए आपको बताते हैं आखिर क्या है ये समस्या और क्यों अचानक कान में सीटी या घंटी की आवाज बजने लगती है?
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क्या है टिनिटस? What is Tinnitus
NIDCD के अनुसार, टिनिटस ऐसी आवाज का अनुभव है जिसका कोई बाहरी स्रोत नहीं होता, इसलिए दूसरे लोग इसे सुन नहीं सकते. टिनिटस को आमतौर पर घंटी बजने जैसी आवाज के तौर पर बताया जाता है, लेकिन कुछ लोगों को दूसरी तरह की आवाजें भी सुनाई दे सकती हैं, जैसे भिनभिनाने की आवाज. टिनिटस एक आम समस्या है; सर्वे के अनुसार, 10 से 25% एडल्ट को यह समस्या होती है. वहीं, इसका खतरा बच्चों में भी पाया जाता है. जानकारी के अनुसार, टिनिटस की समस्या वक्त के साथ बेहतर हो सकता है या फिर पूरी तरह ठीक भी हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में स्थिति बिगड़ भी जाती है, वह भी तब जब टिनिटस तीन या फिर उससे भी ज्यादा लंबे समय तक बना रहे.
क्यों होती है टिनिटस की समस्या ?
NIDCD के अनुसार, टिनिटस (Tinnitus) के की समस्या के पीछे क्या कारण होते हैं, अभी पूरी तरह ये स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन टिनिटस से पीड़ित ज्यादातर लोगों में कुछ हद तक सुनने की क्षमता कम हो सकती है. इतना ही नहीं, आपको जानकर हैरानी होगी कि, फिलहाल टिनिटस (Tinnitus) का कोई स्थायी इलाज भी उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को कम करने के कई तरीके मौजूद हैं. इसलिए जरूरी है कि अगर किसी को इस टिनिटस के लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं, ताकि स्थिति को वक्त रहते काबू पाया जा सके.
किन-किन कारणों से बढ़ सकता है टिनिटस का खतरा
बता दें कि, इसके सटीक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कुछ स्थितियां इसके जोखिम को बढ़ा सकती हैं. इनमें;
- तेज आवाज के संपर्क में रहना: लंबे समय तक तेज गाने सुनना, मशीनों, पटाखों या तेज शोर के संपर्क में रहने से कान को नुकसान पहुंच सकता है.
- सुनने की क्षमता कम होना: बढ़ती उम्र या तेज आवाज के कारण सुनने की क्षमता कमजोर होने पर टिनिटस की समस्या हो सकती है.
- कुछ दवाइयों का सेवन: कुछ एंटीबायोटिक और अन्य दवाइयों के ज्यादा डोज से टिनिटस हो सकता है.
- कान में मैल या संक्रमण: कान में ज्यादा मैल जमा होने या संक्रमण के कारण कानों में आवाज सुनाई दे सकती है.
- सिर या गर्दन में चोट लगना: सिर या गर्दन पर चोट लगने से कान, सुनने वाली नसों या दिमाग के उन हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है, जो आवाज को समझने का काम करते हैं. इससे टिनिटस हो सकता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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SOURCE: NIDCD
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