Tea-Coffee Side Effects: चाय या कॉफी दुनियाभर में पसंद किया जाना वाला सबसे फेमस ड्रिंक है। चाय या कॉफी की दीवानगी इस हद तक है कि लोगों की सुबह चाय और कॉफी के कप प्याली के साथ होती है और उनका दिन भी इसी के साथ ढलता है। कुछ लोगों को तो चाय या कॉफी की ऐसी आदत होती है कि वह पूरे दिनभर में कभी भी इसे पीने से बिल्कुल भी परहेज नहीं करते हैं।
हालांकि, ज्यादा मात्रा में इनका सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। खासकर खाने से पहले या बाद में चाय या कॉफी पीना आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
जी हां, ऐसा हम नहीं, बल्कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की रिपोर्ट कह रही है कि चाय और कॉफी में कैफीन होता है, जो सेहत को नुकसान कर सकता है। हाल ही में ICMR भारतीयों के लिए एक रिवाइज्ड डाइट गाइडलाइन जारी की, जिसमें उन्होंने चाय और कॉफी पीने को लेकर सलाह दी है। आइए जान लेते हैं ICMR की नई गाइडलाइन्स..
खाने के बाद या पहले क्यों नहीं पीनी चाहिए चाय-कॉफी
ICMR के अनुसार, खाने से पहले और खाने के बाद में कम से कम एक घंटे तक चाय या कॉफी पीने से परहेज करें, क्योंकि यह आयरन के अब्जॉर्प्शन में रुकावट डालता है और एनीमिया होने का जोखिम बढ़ा सकता है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च ने अपनी जारी गाइडलाइन्स में लोगों को अपनी चाय और कॉफी के सेवन के टाइम पर नजर रखने की सलाह दी है, क्योंकि इन दोनों में ही मौजूद टैनिन आयरन के अब्जॉर्प्शन में बाधा डालने के लिए जाना जाता है।
चाय और कॉफी का सेहत पर असर
अगर बात करें चाय और कॉफी के सेहत पर असर की, तो दोनों में ही कैफीन ज्यादा होता है, जो एक स्टिम्युलेट पदार्थ जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर असर करने के लिए पहचाना जाता है। अगर आप जरूरत से ज्यादा कॉफी पीते हैं, तो ये आपके ब्लड प्रेशर को बढा सकती है, अनियमित दिल की धड़कन और खराब कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का जोखिम भी रहता है, जो दिल की बीमारियां कर सकता है।
आपको बता दें, एक कप (150 ML) ब्रूड कॉफी में 80-120 MG कैफीन होता है, इंस्टेंट कॉफी में 50-65 MG और चाय में 30-65 MG कैफीन पाया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन ड्रिंक्स को लिमिट मात्रा (300mg/दिन से ज्यादा नहीं) में सेवन करें।
बिना दूध वाली चाय बेहतर
नई गाइडलाइन्स में ICMR ने बताया कि दूध वाली चाय को छोड़कर, बिना दूध वाली यानि कि ग्रीन या ब्लैक टी को पीना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, चाय में थियोब्रोमाइन और थियोफिलाइन (Theobromine and Theophylline) होते हैं, जो आर्टरीज को आराम देने के लिए जाने जाते हैं और इसी तरह ब्लड सर्कुलेशन को भी ठीक करते हैं। इनमें फ्लेवोनोइड और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पॉलीफेनोल्स भी मौजूद होते हैं, जो कोरोनरी हार्ट डिजीज (Coronary Heart Disease) और पेट के कैंसर (Stomach Cancer) के जोखिम को कम कर सकते हैं। हालांकि, ये सभी बेनिफिट तभी मिल सकते हैं, जब चाय में दूध न मिलाया जाए या फिर कम सेवन किया जाए।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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