Sukhi Khansi Ka Ilaj: खांसी एक ऐसी समस्या है जो हवा में मौजूद एलर्जिक इरिटेंट्स से हो जाती है. सर्दियों में या प्रदूषण वाली जगहों पर खांसी आने लगती है. ऐसे में अक्सर ही खांसी की दिक्कत हो या खांसी पुरानी हो जाए तो व्यक्ति दवा खा-खाकर भी परेशान हो जाता है. आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) का कहना है कि एक ऐसा फल है जिसका छिलका खांसी से छुटकारा दिला सकता है. यहां जानिए आचार्य बालकृष्ण खांसी दूर करने के लिए किस आयर्वेदिक नुस्खे को आजमाने की सलाह दे रहे हैं.
खांसी का रामबाण इलाज
आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि आयुर्वेद में खांसी (Cough) से निजात पाने के कई इलाज हैं. एक बेहद ही कारगर औषधि है श्वासारि क्वाथ जिसका सेवन किया जा सकता है. अगर आपको श्वासारि क्वाथ ना मिले तो आप पंसारी के यहां से बहेड़े के फल का छिलका खरीद ला सकते हैं. इस छिलके का छोटा टुकड़ा लेकर मुंह में रखकर चूसने पर खांसी से आराम मिलता है.
बहेड़े को मुंह में रखने पर इससे मुंह का स्वाद भी अच्छा हो जाता है. जिन लोगों को बलगम वाली खांसी की शिकायत है उन्हें भी बहेड़े के फल का छिलका (Bahede Ke Fal Ka Chhilka) इस्तेमाल करना चाहिए. आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि बहेड़े का छिलका खांसी दूर करने के लिए एक बेहद ही फायदेमंद औषधि है.
श्वसन संबंधी दिक्कतों में बहेड़े का छिलका बेहद फायदेमंद होता है. बहेड़े के फल के छिलके और बहेड़े के पेड़ की छाल या छिलके को मिलाकर अगर काढ़ा (Kadha) बनाकर पीने पर खांसी भी दूर होगी और सांस की दिक्कतों में भी आराम महसूस होगा. काढ़ा बनाने के लिए बहेड़े के पेड़ की छाल और बहेड़े के फल के छिलके को बराबर मात्रा में लेकर पानी के साथ उबालें. जब पानी पककर एक चौथाई रह जाए तो आंच बंद कर दें. और अच्छे से पकाकर काढ़ा तैयार करें. आचार्य बालकृष्ण कहते हैं कि यह काढ़ा खांसी दूर करने में लाभकारी साबित होता है.
बहुत ज्यादा खांसी होने पर क्या होता है
बहुत ज्यादा खांसी अस्थमा अटैक की वजह बन सकता है, सांस लेने में दिक्कत होती है, चोकिंग की समस्या होने लगती है, चक्कर आ सकते हैं, सिर में दर्द होने लगता है, बहुत ज्यादा खांसी से पसलियों में दर्द होने लगता है, उल्टी आना शुरू हो जाती है और श्वसन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं सो अलग.
इन जरूरी बातों का रखें ध्यान