संजीवनी है ये हरा पत्ता, शुगर हो या बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, सब रहेगा कंट्रोल

डायबिटीज के मरीजों को अपने खान-पान को लेकर बहुत सावधान रहना पड़ता है, क्योंकि जरा सी लापरवाही उनके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। आयुर्वेद में हर बीमारी का सरल और घरेलू उपाय मौजूद होता है। उन्हीं में से एक है स्टीविया का पत्ता, जो किसी वरदान से कम नहीं है।

stevia leaves

शुगर की बीमारी के मामलों की बढ़ती संख्या सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं है। हालांकि, भारत डायबिटिक कैपिटल माना जाता है मगर ये रोग दुनियाभर में फैला हुआ है। सबसे हैरानी की बात यह है कि शुगर की बीमारी अब कम आयु के लोगों को भी होने लगी है। यह बीमारी लाइफस्टाइल से जुड़ी होती है। भारत में तो खान-पान भी काफी वाइड वैरायटी का होता है, जो कहीं न कहीं सेहत को नुकसान पहुंचा देता है। यहां किसी को खाने से रोकना पाप के बराबर है। खास तौर पर मीठा खाने की इच्छा को दबाना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। लेकिन क्या हो अगर कोई ऐसा प्राकृतिक स्वीटनर मिल जाए जो मीठा तो हो ही, साथ ही शुगर लेवल भी न बढ़ाए? स्टीविया एक ऐसा ही प्राकृतिक विकल्प है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

विज्ञापन

चीनी से कई गुना मीठी

SAAOL हार्ट सेंटर के डायरेक्टर डॉक्टर बिमल छाजेड़ के मुताबिक, स्टीविया एक हर्बल स्वीटनर है, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका में उगने वाले एक खास पौधे से पाया जाता है। भारत में इसे ‘मीठी तुलसी’ के नाम से भी जाना जाता है। इसकी पत्तियां सामान्य चीनी से 50 से 300 गुना ज्यादा मीठी होती हैं, लेकिन इन पत्तों में कैलोरी बिल्कुल नहीं होती है, जिसका कारण पत्तों में मौजूद स्टीवियोल ग्लाइकोसाइड नामक तत्व का होना है। यह तत्व ही इसे प्राकृतिक रूप से मीठा बनाता है।

विज्ञापन

शुगर लेवल नहीं बढ़ाता

कई रिसर्च में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि स्टीविया के सेवन से ब्लड शुगर लेवल पर कोई असर नहीं पड़ता है। साल 2018 में हुई एक रिसर्च में बताया गया है कि इन पत्तियों को खाने से 60 से 120 मिनट के अंदर ही ब्लड शुगर का स्तर कम हो गया और इसका असर इंसुलिन रिलीज होने से पहले ही दिखने लगा था। एक अन्य शोध में पता चला कि ड्राई स्टीविया लीव्स के पाउडर के नियमित सेवन से डायबिटीज के मरीजों का उपवास और भोजन के बाद ब्लड शुगर लेवल कम हो गया।

विज्ञापन

इन समस्याओं को भी करें दूर

स्टीविया के पत्ते न केवल शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह हमें कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करते हैं। इन पत्तियों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर को फ्री-रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं। ये पत्ते भूख को भी नियंत्रित करते हैं, जिससे बार-बार मीठा खाने की क्रेविंग्स कम होती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्टीविया कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद कर सकती है। स्टीविया हृदय संबंधी रोगों के खतरे को कम कर सकता है।

FDA से भी मिली मंजूरी

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने स्टेवियोल ग्लाइकोसाइड को ‘सामान्य रूप से सुरक्षित होने का दर्जा दिया है। इसका मतलब है कि इसे खाने-पीने की चीजों में मिलाने की अनुमति है। यही वजह है कि अब बाजार में हेल्दी फूड्स में स्टेविया का इस्तेमाल किया जाता है।

विज्ञापन

मधुमेह रोगियों के लिए कितना सुरक्षित?

हालांकि स्टीविया को मधुमेह रोगियों के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। कुछ लोग इसके प्रति संवेदनशील हो सकते हैं, इसलिए इसे खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

विज्ञापन

कैसे करें सेवन?

स्टीविया का इस्तेमाल कई तरह से किया जा सकता है। इसे चाय, कॉफी या दूसरी ड्रिंक्स में मिलाकर पी सकते हैं। इसके अलावा, इसे फलों या दही में मिलाकर इसे खा सकते हैं। स्टीविया लीव्स के पाउडर और टैबलेट भी बाजार में मिलती है, जिसे आसानी से खरीदर कर डाइट में शामिल किया जा सकता है।

डायबिटीज के मरीज बिना किसी चिंता के इससे बनने वाली मिठाइयों को खा सकते हैं। अगर आप भी चीनी से परहेज करते हुए मीठा स्वाद लेना चाहते हैं तो स्टीविया को अपने डाइट में शामिल करना सही होगा।

विज्ञापन

Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m Namrata Mohanty  @namratamohanty105 Namrata Mohanty
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ