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मौत से ठीक पहले मरीज के शरीर में दिखते हैं ये 10 संकेत! डॉक्टर भी हो जाते हैं बेबस

मौत जिंदगी की वह सच्चाई है, जिससे इंसान जितना दूर भागने कि कोशिश करता है, उतनी ही तेजी से मौत उसके पीछे-पीछे चलती है. इस स्टोरी में हम आपको 10 ऐसे संकेतों के बारे में बताएंगे, जो मौत से पहले दिखाई देते हैं.

मौत से पहले दिखने वाले संकेत.

Signs Before Death: मौत जीवन की अटल सच्चाई है, फिर भी इसके बारे में खुलकर बात करना आसान नहीं होता. जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से जूझ रहा होता है और इलाज का असर कम होने लगता है, तब शरीर कुछ खास संकेत देने लगता है. डॉक्टर और हॉस्पिस केयर से जुड़े विशेषज्ञ इन बदलावों को पहचान लेते हैं, ताकि मरीज को आखिरी समय में ज्यादा आराम और कम तकलीफ मिल सके. ये संकेत डराने के लिए नहीं, बल्कि समझदारी और संवेदनशील देखभाल के लिए जानना जरूरी होते हैं. इसलिए इस स्टोरी में हम आपको 10 ऐसे अहम और सबसे आम संकेतों के बारे में बताएंगे, जो मौत से पहले मरीजों में दिखाई देते हैं.

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भूख और प्यास में कमी

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जैसे-जैसे शरीर के अंग धीमे पड़ते हैं, पाचन तंत्र काम करना बंद कर देता है. मरीज को ठोस खाना या पानी निगलने में भी दिक्कत होती है और वह खाने से पूरी तरह इनकार कर सकता है.

बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी

आखिरी वक्त में मरीज बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस करता है. मरीज इतना थक जाता है कि उसे बात करने या आंख खोलने में भी मशक्कत करनी पड़ती है और वह दिन का ज्यादातर हिस्सा सोने में बिताता है. आखिरी वक्त में शरीर में ऊर्जा धीरे-धीरे कम होने लगती है.

बेचैनी और घबराहट

आखिरी वक्त में मरीज बार-बार करवट बदलता है, पसीना आता है और नींद पूरी नहीं होती. यही वजह है कि डॉक्टर अक्सर मरीज के साथ वालों से कहते हैं कि इनका मन हल्का करें और टेंशन देने से बचें.

दर्द

कुछ मरीजों में दर्द बढ़ सकता है, जबकि कुछ में कम भी हो सकता है. बीमारी और मानसिक तनाव इसका सबसे बड़ा कारण होते हैं. डॉक्टर दवाओं से दर्द को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं, लेकिन आखिरी वक्त में दवाएं भी जवाब दे देती हैं.

भ्रम और असामान्य बातें

ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज अपनों को पहचानने में गलती कर सकता है या ऐसी बातें कर सकता है जिनका कोई आधार न हो. वह उन लोगों को भी देख सकता है या उन लोगों के बारे में पूछ सकता है जो वहां मौजूद नहीं हैं या दुनिया में न हो.

मतली और उल्टी

अंतिम समय में पेट ठीक से काम नहीं करता. दवाओं या कब्ज की वजह से मतली हो सकती है. हल्का भोजन और डॉक्टर की सलाह मददगार होती है.

हाथ-पैर ठंडे पड़ना और रंग बदलना

जब शरीर धीरे-धीरे काम करना बंद करता है, तो खून का बहाव हाथ-पैरों तक कम होने लगता है. इसके कारण हाथ और पैर ठंडे पड़ जाते हैं. साथ ही, इसी कारण त्वचा पर नीले या बैंगनी रंग के धब्बे दिख सकते हैं, होंठ और नाखूनों का रंग भी बदल सकते हैं. यह इस बात का साफ संकेत होता है कि शरीर अब जीवन को थामे रखने में सक्षम नहीं रह गया है.

लोगों से दूरी बनाना

ऐसे वक्त में मरीज कम बोलने लगता है और अकेला रहना चाहता है. यह उदासी नहीं, बल्कि मन की शांति की तलाश होती है. बस पास बैठना भी बहुत सुकून देता है.

डेथ रेटल यानी सांस की घरघराहट

मौत से ठीक पहले सांस लेते समय घड़घड़ाहट या घरघराहट जैसी आवाज आने लगती है, जिसे डेथ रेटल कहा जाता है. यह आवाज सुनने में डरावनी लगती है, लेकिन आमतौर पर मरीज को इससे दर्द या तकलीफ नहीं होती. यह आवाज गले में जमा बलगम की वजह से आती है. मरीज की करवट बदलना या सिर थोड़ा ऊंचा रखना इस स्थिति में मददगार हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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