High Blood Pressure Causes: सर्दियों का डायरेक्ट कनेक्शन हार्ट हेल्थ और हाई बीपी (High BP) से है. जब ब्लड प्रेशर नॉर्मल होता है तो इसका मतलब है कि दिल ठीक तरह से खून को पंप कर पा रहा है और रक्त धमनियां भी खुली हुई हैं. लेकिन, जब ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है तो दिल का ज्यादा फोर्स लगाना पड़ता है और धमिनयां टाइट या कड़क हो जाती हैं. नॉर्मल ब्लड प्रेशर 120/88 mm Hg से नीचे हैं और जब यह 140/90 mm Hg या इससे ऊपर हो जाए तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं. ऐसे में यहां जानिए सर्दियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने का क्या-क्या कारण होता है.
सर्दियों में क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर
सर्दियों में बीपी की दिक्कतें बढ़ जाती हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ठंड का मौसम धमनियों को सिंकोड़ देता है जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है.
हार्मोनल और नर्वस सिस्टम रिस्पोंस ठंड में बदल जाता है. इससे बीपी बढ़ता है. साथ ही, हार्ट रेट बढ़ने लगता है और धमनियां आपस में टकराती हैं.
ये गलतियां बन सकती हैं वजह
वॉक ना करना – व्यक्ति अक्सर ही सर्दियों में जिम जाना या वॉक करना छोड़ देते हैं और हर समय रजाई में घुसे रहते हैं. इस फिजिकल एक्टिविटी की कमी से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, वजन बढ़ने लगता है, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस डेवलप होने लगता है.
खानपान में ऑयल चीजें – सर्दियों में तला-भुना, ज्यादा तेल और मसाले वाला खाना खाया जाता है. इस तरह की चीजों में नमक भी ज्यादा होता है. ऐसे में सोडियम का इंटेक ज्यादा हो जाने पर वॉटर रिटेंशन होता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है. हाई सोडियम डाइट ब्लड प्रेशर बढ़ाने में सबसे ज्यादा योगदान देता है.
पानी ना पीना – सर्दियों में लोग पानी पीना कम कर देते हैं. ऐसे में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन होता है. पानी कम पीने पर खून गाढ़ा हो जाता है. इससे दिल को इस गाढ़े खून को पंप करने में ज्यादा समय लगता है और बीपी बढ़ जाता है.
किन लोगों को ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है
- बुजुर्गों को हाई बीपी की दिक्कत हो सकती है.
- जो पहले से बीपी से परेशान हैं.
- डायिबिटीज के मरीजों को खतरा रहता है.
- दिल के मरीजों को ध्यान रखना जरूरी है.
हाई ब्लड प्रेशर कैसे कंट्रोल करें
- घर के अंदर हीटर लगाने से बचें. इससे हवा ड्राई हो जाती है जिससे स्ट्रेस हार्मोन ट्रिंगर होते हैं और बीपी बढ़ने की दिक्कत होती है.
- पूरे दिन में एक चम्मच से कम नमक लें.
- रोजाना वॉक करें और एक्टिव रहने की कोशिश करें.
- ठंड से बचकर रहने की कोशिश करें. इससे दिक्कत बढ़ती है.
- बीपी चेक करते रहें. बीपी ऊपर-नीचे ज्यादा जा रहा हो तो डॉक्टर से बात करें.
- पौटेशियम से भरपूर फूड्स खाएं. केला, पालक और नारियल का पानी डाइट में शामिल करें.
- स्ट्रेस और स्लीप मैनेज करें.
- दिनभर में कम से कम 8 गिलास पानी पिएं.
- कॉफी और शराब का सेवन कम करें.
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