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निमोनिया से शरीर का कौन सा अंग होता है प्रभावित? एक्सपर्ट से जानिए घर पर ही कितने दिन में कर सकते हैं ठीक

Pneumonia Causes: निमोनिया एक ऐसा रोग है जिससे शरीर के कई अंग प्रभावित होते हैं. अगर वक्त पर ध्यान ना दिया जाए तो निमोनिया बिगड़ जाता है और फेफड़े दर्द करने लगते हैं. कई मामलों में तो यह बीमारी जानलेवा हो सकती है.

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इसका वक्त पर इलाज करना बहुत जरूरी है वरना यह बीमारी बिगड़ जाती है और एक गंभीर रूप ले सकती है. Image Credit- News24

Nimonia Ke Lakshan: इस मौसम में ठंड की वजह से ज्यादातर लोग बीमार हो जाते हैं. बुखार होना, छींकना, खांसी, गले में खराश आदि जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. कुछ मामलों में एक से दो बार में दवा लेने से इन सर्दी या खांसी में आराम मिल जाता है, लेकिन कई बार फेफड़ों में दिक्कत होने लगती है. खांसी के साथ-साथ सीने में दर्द की शिकायत भी हो जाती है. ऐसा अगर आपके साथ भी हो रहा है तो आपको इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये तमाम लक्षण निमोनिया के हो सकते हैं. एमडी फिजिशियन डॉ सीमा यादव का कहना है कि इसका वक्त पर इलाज करना बहुत जरूरी है वरना यह बीमारी बिगड़ जाती है और एक गंभीर रूप ले सकती है. ऐसे में यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है.

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किस तरह की बीमारी है निमोनिया? | What is Pneumonia and Symptoms

निमोनिया फेफड़ों की बीमारी है. इसमें शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह का दर्द होता है, खासतौर पर फेफड़ों में. एक्सपर्ट का मानना है कि निमोनिया होने पर फेफड़े सबसे पहले प्रभावित होते हैं.

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निमोनिया से शरीर का कौन सा अंग होता है प्रभावित?

इस बीमारी में खांसी बहुत हो जाती है, जिसकी वजह से फेफड़े बहुत प्रभावित होते हैं. फेफड़ों में सूजन, मवाद भरना और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या भी हो जाती हैं. अक्सर यह बीमारी ठंड की वजह से होती है और इसका असर शरीर के बाकी अंगों पर भी पड़ने लगता है.

निमोनिया होने के लक्षण

  • शरीर में कमजोरी होना
  • खांसी के साथ कफ बहुत ज्यादा आना
  • तेज बुखार होना और ठंड लगना
  • खांसी के साथ खून आना
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • सांस लेते वक्त तकलीफ होना
  • लूज मोशन होना और उल्टी होना
  • भूख ना लगने की समस्या
  • होंठों का नीला पड़ जाना
  • पानी की कमी होना

निमोनिया कितने दिन में ठीक हो जाता है?

अगर वक्त पर ध्यान दे दिया जाए तो यह बीमारी लगभग 40 दिन में खत्म हो सकती है. हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस लेवल का संक्रमण हुआ है और इसकी किस तरह की दवा चल रही है. कई बार यह 1 से 2 हफ्ते में भी ठीक हो जाता है.

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निमोनिया से बचाव कैसे करें?

यह बीमारी अक्सर ठंड लगने की वजह से हो जाती है. इसलिए सर्दियों में ज्यादातर लोग संक्रमित हो जाते हैं, जिससे बचना जरूरी है. इसके लिए आप अपनी इम्यूनिटी पर ध्यान दें और दूध में जर्दी डालकर पियें. इससे आपको बहुत ही आराम मिलेगा. बाकी सारी सब्जियां और कम तला हुआ खाना खाएं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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