Pneumonia Symptoms: निमोनिया एक गंभीर सांस संबंधी संक्रमण है जो फेफड़ों में सूजन और इन्फेक्शन का कारण बनता है। यह किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन बुजुर्गों, बच्चों और जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें जल्दी अपनी चपेट में ले लेती है। सर्दियों के मौसम में निमोनिया के मामले बढ़ जाते हैं, क्योंकि ठंड और नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस बढ़ जाते हैं, जिससे यह बीमारी तुरंत फैलती है। आजकल इससे संबंधित वायरस जिसका नाम HMPV है, जिसको लेकर भी दुनियाभर में चिंता बढ़ गई है। इसमें भी निमोनिया की तरह ही फेफड़ों का संक्रमण होता है। आइए जानते हैं निमोनिया के बारे में, इसके संकेत और घरेलू उपाय।
क्या है निमोनिया का इन्फेक्शन?
निमोनिया एक गंभीर फेफड़ों का इन्फेक्शन है, जो दोनों लंग्स को या किसी एक को भी प्रभावित कर सकता है। मेयो क्लीनिक की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें हमारे लंग्स में हवा का आदान-प्रदान करने वाली वायु थैलियों में सूजन हो जाती है, बलगम या पस भर जाता है जिससे बुखार होता है, सिरदर्द, खांसी और सांस लेने में समस्या होती है।
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सर्दियों में क्यों बढ़ जाते हैं मामले?
दरअसल, इसके पीछे बदलता मौसम, तापमान में गिरावट, शीतलहर और प्रदूषण मुख्य कारण हैं। इन सभी कारणों के चलते निमोनिया सर्दियों के सीजन में लोगों को ज्यादा अटैक करता है। कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल साइट पर पब्लिश स्टोरी के मुताबिक, सर्दियों में तापमान में गिरावट के साथ बैक्टीरिया और वायरस भी एक्टिव हो जाते हैं क्योंकि इन दिनों नमी ज्यादा हो जाती है।
निमोनिया के शुरुआती संकेत
- खांसी- इसमें आपको सूखी या बलगम दोनों तरह की खांसी हो सकती है। कुछ लोगों को बलगम में खून भी आ सकता है।
- बुखार- 101 डिग्री से ऊपर का बुखार आना गंभीर संकेत है।
- सांस लेने में कठिनाई- अगर किसी को बुखार और सर्दी के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो यह निमोनिया हो सकता है।
- छाती में दर्द- यह दर्द खांसते या गहरी सांस लेते समय महसूस हो सकता है।
- सिर और मांसपेशियों में दर्द के साथ उल्टी आना।
- बुखार के साथ शरीर में पसीना आना और ठंड लगना।
- छोटे बच्चों में भूख न लगना भी इस बीमारी का लक्षण है।
घरेलू उपाय भी फायदेमंद
स्वामी रामदेव के एक वीडियो में उन्होंने छोटे बच्चों में निमोनिया का इलाज सही करने के लिए आपको घरेलू उपायों के तौर पर उन्हें तुलसी के पत्तों और अदरक का रस निकालकर, उसमें शहद मिलाकर चटाना होगा। बच्चों की छाती में लौंग और यूकोलिपटस का तेल मिलाकर हल्का गुनगुना करके लगाने से भी फायदा होगा। गर्म पानी की भाप लेना फायदेमंद होगा।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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