Pancreatic Cancer Symptoms: पैंक्रियाटिक यानी अग्नाशय में कैंसर होने की समस्या एक जानलेवा है। इसका खतरा इसकी पहचान पर आधारित है। इस बीमारी के लक्षणों की पहचान करना इतना कठिन है कि अधिकतर मरीजों को इस बीमारी का सही समय पर पता नहीं चलता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पैंक्रियाटिक कैंसर के शुरुआती लक्षण इतने आम हैं कि किसी को गंभीर बीमारी होने का यह संकेत समझ में नहीं आता। जानिए कैसे इस बीमारी की पहचान कर सकते हैं, ऐसे संकेत दिखें तो तुरंत जांच करवाएं।
कहां होता है ये कैंसर
सबसे पहले यह बात जान लेते हैं कि यह कैंसर होता है, पैंक्रियाटिक कैंसर पेट का कैंसर है। यह पेट के इतने अंदर होने वाला कैंसर है जिसके बारे में छूकर पता लगाना असंभव है। पैंक्रियाज पेट का एक अंग है जो पेट के पीछे और छोटी आंत के पास स्थित होता है। पैंक्रियाज शरीर की फंक्शनिंग के दो मुख्य काम करता है। पहला काम है खाना का पाचन करना और दूसरा काम ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करना है।
इन छिपे संकेतों से पैंक्रियाज कैंसर का पता लगाएं
-पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द महसूस करना।
-स्किन, आंखों और यूरिन का पीला रंग दिखना।
-कई मामलों में पीलिया की पहचान भी होती है।
-कमजोरी महसूस करना, लगातार वजन घटना।
-उल्टी, जी मिचलाना जैसे लक्षण दिखना।
-ब्लड शुगर लेवल में बदलाव दिखना।
-शौच के समय में बदलाव भी पैंक्रियाज कैंसर का प्रमुख संकेत है।
इसके अलावा पीठ में दर्द भी इस कैंसर का संकेत हो सकता है।

Symptoms of pancreatic cancer
लक्षणों की पहचान के बाद क्या करें?
यदि आपको इनमें से कोई लक्षण शरीर में दिख रहे हों तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें और जरूरी टेस्ट करवाएं। ये हैं पैंक्रियाटिक कैंसर के कुछ जरूरी टेस्ट-:
सीटी स्कैन
एमआरआई (MRI)
पीईटी (PET)
अल्ट्रासाउंड
लेप्रोस्कोपी
एंडोस्कोपी
क्या है इसका कारण और किसे है खतरा?
पैंक्रियाटिक कैंसर होने के कुछ मुख्य कारणों में स्मोकिंग, तंबाकू-शराब का सेवन, डायबिटीज, मोटापा और फैमिली हिस्ट्री शामिल हैं। इस प्रकार के कैंसर का खतरा महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को अधिक रहता है। कुछ मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार पैंक्रियाटिक कैंसर रेड मीट, फैट युक्त मीट तथा सही से साफ न की गई फल-सब्जी खाने से भी हो सकता है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।