Kitchen Tips: खाना बनाने का शौकीन लोगों को बर्तनों से भी बहुत प्यार होता है। कुछ लोग किसी पुरानी याद से जुड़े होने के कारण बर्तनों को सालों तक रखते हैं और इस्तेमाल करते रहते हैं। पुराने बर्तन लोहे या प्लास्टिक के हो तो ठीक रहते हैं, अगर नॉन स्टिक बर्तनों का यूज करते हैं, तो आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। हाल फिलहाल में नॉन स्टिक बर्तनों से निकलने वाले धुएं से लोगों के बीमार होने की कई खबरें सामने आ चुकी हैं। इससे यह बात साफ है कि बर्तन भी हेल्दी खाने को खराब कर सकते हैं। जानिए किसी बर्तन का कब तक इस्तेमाल करना चाहिए।
नॉनस्टीक बर्तन कब तक यूज करने चाहिए
बर्तन किसी भी मेटल का इस्तेमाल करते हो, ध्यान रखें कि वो बिल्कुल ठीक हो। बर्तन में किसी भी तरह का स्ट्रेच या रंग नहीं निकला होना चाहिए। अगर आप नॉनस्टिक बर्तन इस्तेमाल करते हैं, तो इस पर हाई फ्लेम में कुकिंग नहीं करनी चाहिए। लंबे समय तक नॉन स्टिक बर्तन इस्तेमाल करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इन बर्तनों के रंग निकल गए हो या कोटिंग निकल रही हो तो तुरंत इन्हें बदल दें।
कितने समय तक बर्तन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए
हर धातु के बर्तन की एक एक्सपायरी डेट होती है कि इस बात से तय की जाती है कि बर्तन में कोई परेशानी हो रही है या नहीं। नॉन स्टिक बर्तन में कोटिंग उतरने से यह बात पता चल जाती है, मगर अन्य बर्तनों के साथ ऐसा नहीं होता। इसका सबसे अच्छा तरीका है, अगर खाना बर्तन पर चिपकने लगे तो उसका यूज बंद कर देना चाहिए। क्योंकि उस बर्तन की हीट खाने को दूषित कर सकती है।

old utensil side effects
पुराने बर्तनों में किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है
डैमेज बर्तन यूज न करें
अगर किचन में कोई डैमेज बर्तन है तो उसे इस्तेमाल करना बंद कर दीजिए। इन बर्तनों में खाना पकाते समय खाने में बर्तनों के केमिकल जा सकता है। इन केमिकल के कण हवा के साथ शरीर में भी जा सकते हैं, इसलिए इन बर्तनों का समय रहते यूज बंद कर देना चाहिए नहीं तो कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती है।
किचन में वेंटिलेशन
किचन में वेंटिलेशन का बंदोबस्त जरूर रखें, क्योंकि बर्तनों से निकलने वाला धुआं आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। जब भी किसी पुराने बर्तन में खाना बनाएं तो अपनी किचन के खिड़की दरवाजे खुले रखें।
नेचुरल मेटल के बर्तन लें
नॉनस्टिक बर्तनों में केमिकल कोटिंग रहती है। लंबे समय तक इनका इस्तेमाल सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। आप इन बर्तनों के बजाय सिरेमिक, मिट्टी, आयरन या स्टेनलेस स्टील के कुकवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं। नॉन स्टिक बर्तन का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए।
हाई फ्लेम पर खाना न पकाए
अगर आप नॉनस्टिक बर्तनों में खाना बनाते हैं तो हाई फ्लेम पर खाना बनाने से बचें। क्योंकि ऐसे बर्तन में टेफ्लॉन का इस्तेमाल होता है जो आपकी सेहत को नुकसान कर सकता है।