Diarrhoea Cases: दस्त की बीमारी मानसून में बहुत आम हो जाती है। डायरिया होने की वजह हाइजीन का ख्याल न रखना है और इस मौसम में दूषित पानी पीने की वजह से भी डायरिया होता है। फिलहाल, देश के कई राज्यों में डायरिया एक्टिव है। ओडिशा, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक में इस समय तेजी से यह संक्रामक बीमारी फैल रही है। आइए जानते हैं देश के किन-किन राज्यों में इसके कितने केस है और डायरिया से बचाव के लिए क्या किया जा सकता है।
इन राज्यों में एक्टिव डायरिया
1. ओडिशा
ओडिशा डायरिया का सेंटर है। प्रदेश में डायरिया के कुल मामले 500 के करीब पहुंच चुके हैं। गंजाम जिले में सबसे ज्यादा मामले मिल रहे हैं, यहां संक्रमण से मौतें भी हो रही हैं। इसके अलावा, जाजपुर समेत 8 जिलों में अलर्ट जारी किया है। इनमें ढेंकनाल, कटक, भद्रक डिस्ट्रिक्ट को सबसे ज्यादा प्रभावित माना जा रहा है। इसके अलावा, भुबन, बांकी, धर्मशाला, बड़ाचना और भंडारीपोखरी ब्लॉकों में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में काम कर रहा है। राज्य में अबतक डायरिया से सिर्फ 2 मौतें हुई है। हालांकि, ये सरकारी आंकड़ा है।
2. पंजाब
पंजाब में भी खराब पानी की सप्लाई के चलते कई जिलों में डायरिया के मरीज मिल रहे हैं। फिलहाल, पटियाला में डायरिया का प्रकोप सबसे ज्यादा है। यहां एक 61 वर्षीय मरीज की मौत भी हुई है। मंगलवार को राज्य में 21 नए केस मिले हैं, जिसके बाद राज्य में टोटल मामले 106 हो चुके हैं।
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3. कर्नाटक
कर्नाटक का यादगीर जिला भी डायरिया का एपि सेंटर बना हुआ है। यहां भी अबतक इससे 3 मौतें हो चुकी हैं। बता दें कि जिले के तिप्पनदी गांव में दूषित पानी पीने के चलते पिछले हफ्ते 5 लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इनमें उल्टी और दस्त के लक्षण दिखाई दे रहे थे।
4. हरियाणा
हरियाणा के कुरुक्षेत्र और पानीपत में डायरिया के केस मिल रहे हैं। यहां मौसम बदलते ही जिला अस्पतालों में उल्टी और दस्त के मरीज लगातार सामने आ रहे थे। यहां रविवार को ओपीडी बंद होने के बाद भी डायरिया के मामले लगातार आ रहे थे।
5. कोलकाता
हालांकि, यहां अभी तक डायरिया का सिर्फ 1 मरीज अस्पताल में भर्ती हुआ है। मगर दस्त और उल्टी के चलते लगातार मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं।
बरसात में दस्त से बचाव के लिए क्या करें?
इस पर न्यूज-24 ने डॉ. विकास कुमार, न्यूरोसर्जन, रांची से विशेष बातचीत की है। उन्होंने बताया है कि डायरिया से बचने के लिए साफ और उबला पानी पिएं। बाहर का खाना न खाएं। स्ट्रीट फूड्स और बाहर मिलने वाले कटे फलों को भी न खाएं। साबुन और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। बासी भोजन खाने से बचें। फलों और सब्जियों को अच्छे से धोकर खाएं। घर में साफ-सफाई का ध्यान जरूर रखें।
दस्त रोकने के लिए सही डाइट क्या है?
डॉक्टर के मुताबिक, दस्त को रोकने के लिए डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करना जरूरी है। इसलिए, पानी और लिक्विड लेते रहे। खाने में केले, दही, हल्की खिचड़ी और उबले आलू खाना फायदेमंद होगा। चीनी और नमक का घोल पिएं। सौंफ और अदरक का पाउडर पानी में मिलाकर पीने से हाइड्रेशन सही रहता है। सेब और नींबू खा सकते हैं।
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