यूरिन का नॉर्मल कलर कैसा होता है? डॉक्टर ने बताया पेशाब का कौन सा रंग हानिकारक है

Peshab Ka Normal Rang: पेशाब के रंग से शरीर के अंदरूनी हाल का पता चल जाता है. ऐसे में यहां जानिए पेशाब का नॉर्मल रंग कैसा होता है और किस रंग का पेशाब किसी बीमारी का संकेत हो सकता है.

Urine Color Normal

पेशाब का नॉर्मल रंग क्या होता है, जानिए यहां. Image Credit - Fteepik

Normal Urine Color: शरीर के अंदर क्या चल रहा है इसका पता अक्सर ही पेशाब से चल जाता है. व्यक्ति किसी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत से दोचार होता हो तो उसके पेशाब में बदलाव नजर आने लगता है. ऐसे में पेशाब के रंग से सेहत का पता लगाया जा सकता है. इसी बारे में बता रहे हैं डॉ. अमित लाल खोमाने. डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके बताया है कि किस रंग का पेशाब नॉर्मल होता है. यहां जानिए पेशाब के नॉर्मल कलर से लेकर अलग-अलग रंग के पेशाब का क्या मतलब बता रहे हैं डॉक्टर.

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पेशाब का नॉर्मल रंग क्या होता है

डॉक्टर ने बताया अक्सर ही लोगों को पता ही नहीं होता है कि यूरिन का नॉर्मल कलर कौन सा होता है. ऐसे में डॉक्टर ने बताया कि किस रंग का पेशाब नॉर्मल (Peshab Ka Normal Rang) है और पेशाब के रंग से किन-किन बीमारियों का पता चलता है.

संतरी पेशाब – एंबर या संतरी रंग के पेशाब का मलतब है कि आपका शरीर जरूरत से ज्यादा डिहाइड्रेटेड है. कुछ दवाइयों के सेवन से या फिर विटामिन से भी इस तरह का रंग आ सकता है. लेकिन, अगर रोजाना ही इस रंग का पेशाब आता है तो इसे इग्नोर करने की गलती ना करें और डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.

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ट्रांसपेरेंट पेशाब – अगर पेशाब एकदम ट्रांसपेरेंट नजर आता है तो इसका मतलब हो सकता है कि आप पानी बहुत ज्यादा पीते हैं. इससे शरीर के सॉल्ट डाइल्यूट होकर पेशाब के साथ बाहर निकल सकते हैं. ऐसा कभी-कभी हो तो ठीक है लेकिन ऐसा पेशाब अगर रोज-रोज आए तो इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बिगड़ सकता है. डायबिटीज, दिल, लिवर और किडनी की बीमारियों के मरीज जब डाइर्यूटिक्स पर होते हैं तो उन्हें इस रंग का पेशाब आ सकता है.

गहरे पीले रंग का पेशाब – डार्क यूरिन (Dark Urine) का मतलब है कि व्यक्ति पानी कम पी रहा है, शरीर कोंसंट्रेटेड यूरिन बना रहा है और यह डिहाइड्रेशन का शुरुआती संकेत हो सकता है. ऐसे में पानी की मात्रा बढ़ाना जरूरी होता है. इसके अलावा पीलिया में भी इस रंग का पेशाब आ सकता है.

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पेशाब में झाग – पेशाब में थोड़ा बहुत झाग आना नॉर्मल होता है. अगर तेजी से पेशाब किया जाए तो पेशाब में थोड़ा बहुत झाग आ सकता है. लेकिन, अगर बहुत ज्यादा झाग नजर आ रहा है तो इसका कारण किडनी की समस्या या पेशाब में प्रोटीन की लीकेज हो सकता है.

दूधिया पेशाब – अगर पेशाब मिल्की या दूधिया नजर आ रहा है तो यह किसी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है. अगर मिल्की पेशाब के साथ ही बुखार आ रहा है या फिर पेशाब करने में जलन होती है तो यह यूटीआई का लक्षण हो सकता है.

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लाल रंग का पेशाब – अगर लाल, गुलाबी या फिर पेशाब में खून नजर आए तो यह गंभीर समस्या की तरफ इशारा है. यह मूत्रनली की चोट या फिर पथरी के कारण हो सकता है. इसमें तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है.

हल्का पीला पेशाब – पेशाब का नॉर्मल रंग हल्का पीला होता है. इस रंग का पेशाब नॉर्मल और हेल्दी माना जाता है. इसका मतलब है कि आपका शरीर पूरी तरह हाइड्रेटेड है और इलेक्ट्रोलाइट्स को भी बैलेंस करता है.

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डॉक्टर की सलाह है कि हल्के पीले रंग का पेशाब ही नॉर्मल होता है और अगर इसके अलावा किसी और रंग का पेशाब आ रहा है तो यह चिंता का विषय हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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