दस्त लग गए हैं और नहीं पड़ रहा आराम तो ये 3 चीजें खाने पर दूर हो सकती है दिक्कत, लूज मोशन रुक जाएंगे

Dast Ke Gharelu Upay: लूज मोशन यानी दस्त की दिक्कत होने पर व्यक्ति को बार-बार टॉयलेट के चक्कर लगाने पड़ते हैं जिससे हालत खराब हो जाती है. ऐसे में यहां जानिए दस्त होने पर क्या खाने-पीने पर दिक्कत कम होने लगेगी.

Loose Motion Home Remedies

दस्त को तुरंत कैसे ठीक करें? Image Credit - Freepik

Loose Motion Home Remedies: शरीर जब खाने को सही तरह से नहीं पचा पाता है तो व्यक्ति को दस्त लग जाते हैं. दस्त लगने पर मल पतला या पानी की तरह का आने लगता है. बार-बार मलत्याग करने से व्यक्ति को कमजोरी महसूस होने लगती है सो अलग. ऐसे में खानपान का सही तरह से ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है. यहां जानिए दस्त (Loose Motions) लगने पर क्या खाने-पीने पर राहत महसूस होगी और किस तरह दस्त की दिक्कत कम होने में मदद मिलेगी. यहां बताए फूड्स इलेक्ट्रोलाइट लॉस को ठीक करेंगे, डिहाइड्रेशन दूर करेंगे और पाचन को बेहतर करने में असर दिखाएंगे सो अलग.

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दस्त होने पर क्या खाए-पिएं

दही और चावल

अगर आपको दस्त लग गए हैं तो दही और चावल को मिलाकर खाने पर आपको राहत महसूस होगी. यह मील हल्का होता है, पेट को आराम देता है और दस्त कम करने में मदद करता है.

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छाछ पिएं

लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया से भरपूर छाछ गट बैक्टीरिया को बैलेंस करती है. यह इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करने में भी मददगार है. ऐसे में अगर व्यक्ति दस्त से परेशान हो तो छाछ पीने पर दस्त दूर होने में मदद मिल सकती है. इस बात का ध्यान रखें कि आप जरूरत से ज्यादा छाछ ना पिएं नहीं तो ठंड लग सकती है.

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केला

दस्त होने पर केला (Banana) खाया जा सकता है. पौटेशियम से भरपूर केले में पेक्टिन भी होता है जोकि एक वॉटर सोल्यूबल फाइबर है. केला खाया जाए तो यह आंतों के एक्सेस वॉटर को सोखता है. यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखने में भी मदद करता है. ऐसे में दस्त लगने पर हर 2 घंटों में एक केला खाया जा सकता है.

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इन बातों का रखें खास ध्यान

  • दस्त लगने पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें.
  • अपनी डाइट में फलों और सब्जियों को शामिल करें जिससे नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस हो.
  • कैफीन, एल्कोहल और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीने से खासतौर से परहेज करें. इनसे दस्त बढ़ते हैं.
  • प्रोबोटिक्स जैसे दही और छाछ दस्त कम करने में असरदार होते हैं.
  • नींबू पानी पीने पर फायदा मिल सकता है. दिन में 1-2 गिलास नींबू पानी पिया जा सकता है.
  • सौंफ का पानी भी फायदेमंद हो सकता है. दिन में 1-2 बार पीने पर दस्त में फायदा मिल सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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