Keratin Treatment Side Effects: आज के समय में हर कोई खूबसूरत दिखना चाहता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए खूबसूरत दिखना जरूरी हो जाता है। अपनी स्किन से लेकर बालों का ख्याल रखने के लिए वो डेली रुटीन में कई चीजों को अपनाना पसंद करती हैं। आमतौर पर महिलाएं ब्यूटी पार्लर जाकर स्किन से लेकर हेयर संबंधित ट्रीटमेंट लेती हैं। वहीं, एक महिला के लिए ब्यूटी पार्लर जाकर हेयर ट्रीटमेंट लेना भारी पड़ गया। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे महिला के लिए हेयर स्ट्रेटनिंग (Hair straightening) ट्रीटमेंट लेना भारी पड़ा और उसकी किडनी फेल हो गई। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या हेयर स्ट्रेटनिंग से किडनी को खतरा?
द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार सैलून में बाल सीधे करने के ट्रीटमेंट के कारण महिला की किडनी फेल हो गई है। इस स्टडी में महिला की पहचान का कोई जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि, उसकी किडनी पर कैसे बालों को सीधा करवाने का बुरा असर पड़ा है, इसके बारे में बताया गया है। डॉक्टर्स के अनुसार केराटिन हेयर ट्रीटमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स से किडनी को खतरा हो सकता है।
स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
स्टडी के मुताबिक 26 वर्षीय महिला हेयर ट्रीटमेंट लेने से पहले सेहतमंद थी। हालांकि, जून 2020, अप्रैल 2021 और जुलाई 2022 में हेयर ट्रीटमेंट लेने के बाद उसे ल्टी होने के अलावा अन्य तरह की समस्याएं जैसे- दस्त, बुखार और पीठ में दर्द होता था। इन सभी लक्षण को महिला नजरअंदाज करती थी, लेकिन बाद में पता चला कि हेयर ट्रीटमेंट के कारण महिला की सेहत और किडनी पर असर पड़ रहा है।
हेयर स्ट्रेटनिंग से सिर की त्वचा पर अल्सर
स्टडी में बताया गया कि महिला को ट्रीटमेंट के दौरान अपने सिर पर जलन की शिकायत होती थी। इसके अलावा उसके सिर पर अल्सर भी हो गया। बालों की जड़ों में संक्रमण होने पर अल्सर यानी सिर की त्वचा पर होने वाले दर्दनाक घाव या छाले होते हैं।
किडनी भी हुई खराब
जांच करने पर डॉक्टरों को पता चला कि महिला की किडनी में खराबी है। ब्लड में क्रिएटिनिन के हाई लेवल और यूरिन में ब्लड की उपस्थिति जैसे संकेत मिले हैं। वो बात अलग है कि किडनी में संक्रमण या रुकावट का कोई भी संकेत सीटी स्कैन में नहीं दिखा लेकिन लक्षणों से इसकी जानकारी हो सकती है। डॉक्टर्स के अनुसार ग्लाइऑक्सिलिक एसिड युक्त केराटिन-आधारित हेयर स्ट्रेटनिंग प्रोडक्ट्स से किडनी खराब हुई है।
आपको जानकारी के लिए बता दें कि महिला ने खुद डॉक्टर्स को बताया कि उसके बालों को ग्लाइऑक्सिलिक एसिड युक्त स्ट्रेटनिंग क्रीम के जरिए सीधा किया जाता था। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि इस केमिकल से महिला की खोपड़ी में जलन और अल्सर की समस्या हुई है।
चूहों पर हुई रिसर्च
डॉक्टर्स ने ग्लाइऑक्सिलिक एसिड का इस्तेमाल चूहों पर किया। इसके अलावा अन्य तरह की भी जांच की जिसके बाद इसकी पुष्टि हुई कि ये केमिकल सिर की त्वचा के माध्यम से किडनी तक पहुंचकर उसे खराब कर रहा है।