Fatty Liver Kaise Thik Kare: लिवर की बीमारियां शरीर के लिए घातक साबित होती हैं. खानपान अगर सही ना हो तो लिवर में फैटी सब्सटेंस जमने पर फैटी लिवर की दिक्कत होने लगती है. वहीं, शराब का सेवन लिवर को खराब करता है. फैटी लिवर के कारण इंफ्लेमेशन बढ़ती है, फाइबरोसिस, लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर का खतरा बढ़ता है जिससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है. ऐसे में वक्त रहते फैटी लिवर को ठीक करने की कोशिश करना जरूरी है. अक्सर ही कहा जाता है कि फैटी लिवर परमानेंट होता है जिसे रिवर्स नहीं किया जा सकता, लेकिन योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) का कहना है कि फैटी लिवर को फिर से ठीक कर सकते हैं. यहां जानिए योगगुरु के अनुसार किस तरह फैटी लिवर की दिक्कत से छुटकारा पाया जा सकता है.
यह भी पढ़ें – सुबह खाली पेट मेथी खाने से क्या फायदा होता है? आचार्य बालकृष्ण ने बताए मेथी खाने के फायदे
बाबा रामदेव ने बताया कैसे ठीक होगा फैटी लिवर
- बाबा रामदेव बतात हैं कि फैटी लिवर की दिक्कत में खानपान को सही करके लिवर की सेहत दुरुस्त रखी जा सकती है. शुरुआत गाय का दूध पीने से करें. बाबा रामदेव बताते हैं कि गाय का दूध पीने पर लिवर को फायदा मिलता है.
- अनार, सेब और पपीता जैसे फलों को खानपान का हिस्सा बना लें. बाबा रामदेव की सलाह है कि आपको नाश्ते में फल ही खाने चाहिए.
- फैटी लिवर को ठीक करने के लिए ताजा धनिया, कासनी, गोखरू, नीम और पीपल के पत्तों को मिलाकर जूस बनाकर पिया जा सकता है. इससे लिवर की दिक्कत कम होती है.
- लौकी के जूस को भी बाबा रामदेव फैटी लिवर के लिए बेहद फायदेमंद बताते हैं. लिवर को ठीक करने के लिए लौकी की सादा सब्जी या लौकी का जूस पिया जा सकता है.
- बाबा रामदेव कहते हैं कि मूली भी लिवर के लिए बेहद अच्छी होती है.
फैटी लिवर होने के क्या कारण हैं
लिवर में फैट बिल्ड-अप क्यों होता है इसका सटीक जवाब नहीं है, लेकिन ऐसी कई कंडीशंस हैं जो फैटी लिवर होने में योगदान देती हैं –
- परिवार में किसी को फैटी लिवर हुआ हो या लिवर की दिक्कत (Liver Disease) रही हो तो फैटी लिवर की दिक्कत हो सकती है.
- वजन ज्यादा होने पर लिवर की दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
- टाइप-2 डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर में लिवर में फैट डिपॉजिट हो सकता है.
- शरीर में हाई फैट्स, हाई कॉलेस्ट्रोल या ट्राइग्लाइसेराइड्स के हाई लेवल्स फैटी लिवर की वजह बनते हैं.
- मेटाबॉलिक सिंड्रोम, पीसीओएस, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया, अंडरएक्टिव थायराइड या हार्मोनल दिक्कतें फैटी लिवर के रिस्क फैक्टर्स में शामिल हैं.
फैटी लिवर होने के क्या लक्षण हैं
पीली त्वचा – लिवर की दिक्कत होने पर त्वचा पर पीलापन नजर आ सकता है. पीलिया भी हो सकता है.
दर्द – पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द हो सकता है. पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन महसूस होता है.
भूख में कमी – लिवर की दिक्कत हो तो भूख में कमी आ जाती है.
वेट लॉस – फैटी लिवर होने पर तेजी से वजन कम होने लगता है. बिना किसी कारण वजन कम होता महसूस हो तो यह लिवर की दिक्कत का संकेत हो सकता है..
गहरे रंग का पेशाब – फैटी लिवर का एक संकेत (Fatty Liver Symptoms) यह भी है कि पेशाब का रंग गहरा हो जाता है.
सूजन – पेट के साथ ही पैरों में सूजन नजर आ सकती है.
चोट लगना – चोट जल्दी लगती है लेकिन जल्दी भरती नहीं है.
यह भी पढ़ें – नाखूनों पर काली लकीर का क्या मतलब है? जानिए यह किस बीमारी का लक्षण है और किस विटामिन की कमी इसकी वजह बनती है
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
छोटी बात पर रोने या डरने लगता है बच्चा? कहीं एंग्जायटी का शिकार तो नहीं
4 hrs agoडायबिटीज के मरीज नवरात्रि में भूखे रहें या नहीं? जानिए व्रत रखते वक्त क्या
6 hrs agoसर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? अक्सर महिलाएं कर देती हैं इग्नोर
9 hrs agoकैसे पता चलेगा आप या आपका कोई अपना हो गया है डिप्रेशन का शिकार?
12 hrs agoआखिर ट्रीटमेंट के बाद भी क्यों लौट आता है कैंसर? एक्सपर्ट जानिए वजह
1 day agoनवरात्रि से पहले 15,000 की IV ड्रिप लगवा रहे हैं अहमदाबाद के Gen Z
1 day agoवैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला गांव जहां असाधारण लंबी उम्र जीती हैं महिलाएं
1 day agoक्या पोहा खाने से शुगर बढ़ सकती है? डॉक्टर ने बताया सुबह क्या न खाएं
1 day agoWorld Sight Day 2026: आंखों की रोशनी जाने के संकेतों को पहचानना है जरूरी
1 day agoथायराइड बढ़ने पर क्या खाएं? डाइट में शामिल करें ये चीजें, एक्सपर्ट से जानें
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines