Late periods Cycle: प्रेग्नेंसी और बच्चे की डिलीवरी महिला के शरीर में बड़े हार्मोनल और शारीरिक बदलाव लेकर आती है. ऐसे में नई मां के मन में यह सवाल आना बिल्कुल नॉर्मल है कि डिलीवरी के बाद पीरियड्स कब दोबारा शुरू होंगे. किसी महिला को 6-8 हफ्तों में पीरियड्स आ सकते हैं, तो किसी को कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता है. यह फर्क इसलिए होता है क्योंकि हर महिला का शरीर, रिकवरी की स्पीड और हार्मोनल संतुलन अलग-अलग होता है. खासतौर पर स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पीरियड्स देर से आना आम बात मानी जाती है. आइए जानते हैं लेट पीरियड्स के बारे में पूरी डिटेल्स.
यह भी पढ़ें: हेल्दी समझकर कभी न करें गलती, ये 5 फल तेजी से बढ़ा सकते हैं ब्लड शुगर
---विज्ञापन---
कितने समय तक पीरियड्स न आना होता है नॉर्मल
रिपोर्ट्स की मानें तो, डॉक्टरों के अनुसार, डिलीवरी के बाद 6 हफ्ते से लेकर 12 महीने तक पीरियड्स न आना सामान्य हो सकता है. कुछ मामलों में यह समय 18 महीने तक भी बढ़ सकता है, खासकर तब जब महिला पूरी तरह से ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding) करा रही हो. इसी कड़ी में, हाल ही में हुए स्वास्थ्य सर्वे के मुताबिक, भारत में लगभग आधी से ज्यादा महिलाओं को डिलीवरी के 6 महीने के अंदर पहला पीरियड आ जाता है. हालांकि, पीरियड्स का जल्दी या देर से आना किसी बीमारी का संकेत नहीं होता, जब तक अन्य लक्षण परेशान करने वाले न हों. मतलब साफ है कि डिलीवरी के बाद महिलाओं में पीरियड्स का लेट आना किसी तरह की समस्या की ओर इशारा नहीं करती है.
---विज्ञापन---
पीरियड्स लौटने को प्रभावित करने वाले कारण
डिलीवरी के बाद पीरियड्स की वापसी कई वजहों पर निर्भर करती है. इनमें सबसे अहम भूमिका ब्रेस्टफीडिंग की होती है. स्तनपान के दौरान शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन (Prolactin Hormone) बढ़ता है, जो दूध बनने में मदद करता है और ओव्यूलेशन (Ovulation) को कुछ समय के लिए रोक देता है. इसके अलावा, महिला का मानसिक तनाव, नींद की कमी, शरीर की रिकवरी और हार्मोनल चेंज (Hormone Change) भी पीरियड्स (Periods) के समय को प्रभावित करते हैं. यह पूरी तरह से प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिससे शरीर अगली प्रेग्नेंसी के लिए खुद को तैयार करता है.
डिलीवरी के बाद पीरियड्स को नॉर्मल कैसे करें
शरीर को दोबारा संतुलन में लाने के लिए सही खानपान बेहद जरूरी है. आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर खाने का सेवन करने से शरीर को मजबूती मिलती है और डिलीवरी के बाद हुई कमजोरी भी दूर होती है. इसके लिए महिलाओं को चाहिए कि वह हरी सब्जियां, दालें, फल, नट्स और पर्याप्त पानी पीएं, इससे हार्मोनल बैलेंस होने में मदद मिलेगी. साथ ही, ओमेगा-3 (Omega-3) फैटी एसिड युक्त चीजें जैसे अलसी और अखरोट सूजन (Anti-inflammatory) कम करने में भी मददगार होती हैं.
एक्सरसाइज और डॉक्टर से सलाह भी जरूरी
इसी के साथ, हल्की एक्सरसाइज, जैसे रोजाना टहलना, पोस्टनेटल योग और हल्की स्ट्रेचिंग शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है और तनाव कम करती है. इससे मूड बेहतर होता है और पीरियड्स धीरे-धीरे सामान्य होने लगते हैं. लेकिन अगर डिलीवरी के बाद लंबे समय तक पीरियड्स न आएं और बहुत ज्यादा दर्द हो, जरूरत से ज्यादा ब्लीडिंग हो या कमजोरी महसूस हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
यह भी पढ़ें: सिर्फ एक 1 मिनट के अंदर झट से बिना दवा के कम होगा आपका ब्लड शुगर! बस करना होगा ये छोटा सा काम
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.