Honey Expiry Date: कई लोगों को इस बात का कन्फ्यूजन रहता है कि शहद खराब होता है या नहीं, क्या इसकी भी कोई सेल्फ लाइफ होती है? अगर शहद खराब नहीं होता है, तो इसपर एक्सपायरी डेट क्यों होती है? इसके अलावा इसके अनगिनत फायदे क्या-क्या हैं, ये भी जान लें।
आपकी जानकारी के लिए बता दें, शहद कभी भी खराब नहीं होता है और इसकी नेचुरल स्वीटनर की सेल्फ लाइफ लॉग होती है, लेकिन एफएसएसएआई (Food Safety and Standards Authority of India FSSAI) द्वारा यह अनिवार्य है कि सभी पैकेज्ड फूड आइटम्स पर एक्सपायरी डेट का उल्लेख होना चाहिए। इसलिए सभी ब्रांडेड पैकेज्ड शहद प्रोडक्ट्स पर आपको एक्सपायरी डेट मिल जाती है।
असल में, सेहत के लिहाज से देखा जाए तो इसमें नेचुरल तत्व पाए जाते हैं। इसमें एंटी बैक्टीरियल प्रोटीन और एंजाइम के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। इसके कारण ये कभी भी खराब नहीं होता है। अगर आप इसको बंद डब्बे में रखते हैं, तो यह कई युगों तक बेकार नहीं होता है।
आप लंबे टाइम के बाद भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी एक-एक बूंद खाने के लायक होती है। जानकारी के लिए बता दें, शहद के अलावा शक्कर, नमक, चावल, वाइट वेनेगर, कॉर्न स्टार्च, प्योर वेनिला एक्सट्रेक्ट को अगर ठीक तरह से स्टोर किया जाए तो कई साल तक ये चीजें खराब नहीं होती है।
शरीर को हेल्दी और एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए शहद को रोज खाना अच्छा माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, शहद अमृत के समान है। मौसम कोई भी हो, इसका सेवन गुणकारी है, लेकिन सबसे ज्यादा सर्दियों में इसका प्रयोग खासकर लाभकारी माना जाता है क्योंकि इसके एंटी बैक्टीरियल तत्व शरीर से टॉक्सिन्स चीजें बाहर करने में काफी असरदार होते हैं। अगर शहद को ठीक से रखें तो यह जल्दी खराब नहीं होता है। आप इसे लंबे समय तक रखने के लिए टाइट वाली शीशी में भरकर ठंडी जगह पर रखें। ये गाढ़ा पड़ जाता है और कलर भी चेंज हो जाता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता में कोई बदलाव नहीं आता है।
शहद (honey) एक नेचुरल गुणकारी फूड प्रोडक्ट है, जिसमें कई पोषक तत्व और औषधीय गुण होते हैं। यह अलग-अलग हेल्थ बेनिफिट्स देता है, जैसे-
शहद में अनेक एंटीमाइक्रोबियल मेडिसिनल गुण होते हैं, जो अलग-अलग प्रकार के संक्रमणों को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।
शहद खांसी, जुकाम, सूजन और जलन होने पर यूज कर सकते हैं।
शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और अन्य पोषक तत्व शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।
सांस से जुड़ी समस्याओं को कंट्रोल करें
शहद का इस्तेमाल अस्थमा और अन्य सांस संबंधित समस्याओं को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
शहद कई मेडिसिनल यूज के लिए भी योग्य है, जैसे कि जल्दी चेंज होने वाले क्लाइमेट से बचाव, भूख बैलेंस करना, गठिया और अन्य अर्थराइटिस समस्याओं के उपचार में मदद करता है।